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कोलकाता, 29 जनवरी। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने नवगठित जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर से मुलाकात की, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पार्टियों के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गईं।
सलीम ने कहा कि आगामी चुनाव में सीट बंटवारे के प्रस्ताव पर माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के भीतर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बुधवार को न्यू टाउन के एक होटल में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक कबीर के साथ एक घंटे लंबी बैठक की। हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद की नींव रखने को लेकर हाल में विवादों में आए थे।
सलीम ने कहा, ‘‘हम इस प्रस्ताव पर वाम मोर्चे में चर्चा करेंगे। उसके बाद मोर्चे से बाहर की वामपंथी पार्टियों के साथ और फिर आईएसएफ के साथ चर्चा करेंगे।’’
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने पश्चिम बंगाल में 2021 का विधानसभा चुनाव इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन पार्टी चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दीकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा एकमात्र विपक्षी विधायक बन गए हैं।
कबीर के साथ अपनी मुलाकात को उनके इरादों को समझने का प्रयास बताते हुए माकपा नेता ने कहा कि कई पार्टियां ऐसी हैं जिन्होंने अब तक विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे की व्यवस्था पर कोई फैसला नहीं लिया है।
गठबंधन की चर्चा से इनकार करते हुए सलीम ने कहा, ‘‘मैं उनसे जानना चाहता था कि वह क्या करना चाहते हैं और उनका उद्देश्य क्या है।’’
तृणमूल कांग्रेस द्वारा निलंबित कबीर ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया लेकिन कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए संभावित गठबंधन पर चर्चा हुई थी।
अक्सर अपनी बेबाक टिप्पणियों के कारण विवादों में घिरे रहने वाले कबीर ने कहा, ‘‘मैंने सलीम साहब से आग्रह किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि गठबंधन गठन की प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी हो जाए।’’
नवगठित पार्टी के नेता ने दावा किया कि चर्चाएं सार्थक रहीं। कबीर ने कहा कि उन्होंने सलीम से गठबंधन के संबंध में आईएसएफ नेतृत्व से बात करने का अनुरोध किया था।
कबीर ने यह भी कहा कि आगामी चुनाव के लिए उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) से गठबंधन के बारे में बातचीत कर सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य भ्रष्ट सरकार को हराना और राज्य की जनता को एक पारदर्शी सरकार देना है।’’
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि न तो माकपा और न ही नवगठित पार्टी को जनता का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा, ‘‘माकपा राजनीतिक रूप से दिवालिया हो चुकी है।’’ (भाषा)


