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एलआईसी बीमा घोटाले में अग्रिम जमानत हाई कोर्ट से नामंजूर
13-Jan-2026 11:01 AM
एलआईसी बीमा घोटाले में अग्रिम जमानत हाई कोर्ट से नामंजूर

मृतकों के नाम पर पॉलिसी लेकर क्लेम हड़पने का आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 13 जनवरी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भारतीय जीवन बीमा निगम से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने माना कि मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी कराकर क्लेम राशि हड़पने की साजिश के पुख्ता सबूत रिकॉर्ड पर मौजूद हैं।

एलआईसी बिलासपुर शाखा के प्रबंधक एल्बन टोप्पो ने सिविल लाइंस थाना, बिलासपुर में दर्ज शिकायत में बताया था कि संतोषी साहू, ममता पांडेय और बबला पांडेय की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, इसके बावजूद उनके नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बीमा पॉलिसियां ली गईं।

शिकायत के अनुसार, सुनियोजित तरीके से इन पॉलिसियों पर मृत्यु दावा प्रस्तुत किया गया और क्लेम की राशि निकाल ली गई। पुलिस जांच में सामने आया कि इस धोखाधड़ी में एलआईसी एजेंट नरेश अग्रवाल, राजेश कुमार शर्मा और राशि सखूजा की अहम भूमिका रही। इन एजेंटों ने मृतकों के परिजनों और नामांकित व्यक्तियों के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा किया।

जांच के दौरान सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर विजय कुमार पांडेय का भी नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120-बी, 467, 468 और 471 के तहत अपराध दर्ज किया।

आरोपी विजय कुमार पांडेय ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हुए खुद को 64 वर्षीय वृद्ध और पैरालिसिस से पीड़ित बताया। हालांकि अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की पीठ में हुई। अदालत ने टिप्पणी की कि रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज साफ तौर पर जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की ओर इशारा करते हैं। यह भी कहा गया कि आरोपी ने तथ्यों को छिपाकर पॉलिसियों को दोबारा जारी कराया, जिससे बीमा कंपनी को नुकसान पहुंचाया गया।

अपराध की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से साफ इनकार कर दिया।


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