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शिकायत पर कार्रवाई के बजाय थाने में छात्रों से बदसलूकी का आरोप, जांच शुरू
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 12 जनवरी। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर स्थित मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर हुआ विवाद हो गया। आरोप है कि मेस कर्मचारी ने आलूगुंडा की शिकायत करने पर एक छात्र को चाकू लेकर मारने के लिए दौड़ाया। छात्र ने भागकर खुद को बचाया। घटना के बाद जब छात्र शिकायत लेकर कोनी थाना पहुंचा, तो आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के बजाय उल्टे छात्रों को धमकाने लगी।
इंजीनियरिंग विभाग के छात्र हर्ष अग्रवाल ने बताया कि रविवार शाम वे विश्वविद्यालय परिसर के मेस में मौजूद थे। खाने में आलूगुंडा की खराब क्वालिटी को लेकर उन्होंने मेस कर्मचारियों से शिकायत की। शिकायत सुनने के बजाय कर्मचारी छात्र से बहस करने लगे। विरोध करने पर एक कर्मचारी ने चाकू लेकर छात्र को दौड़ा लिया। छात्र किसी तरह जान बचाकर वहां से निकल पाया।
घटना की जानकारी छात्र ने अपने साथियों को दी और वे सभी कोनी थाने पहुंचे। छात्रों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने शिकायत दर्ज करने के बजाय कर्मचारी का पक्ष लिया और छात्रों को धमकाया। जब छात्रों ने कार्रवाई की मांग की, तो पीड़ित छात्र को धक्के मारकर थाने से बाहर निकाल दिया गया।
थाने में बदसलूकी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में छात्र कोनी थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को शांत कराया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्र शांत हुए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि नए हॉस्टल के मेस में नाश्ते के समय को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग के एक छात्र ने नाश्ते की मांग की, जिस पर कुक ने समय खत्म होने की बात कही। इसी दौरान कुछ छात्रों ने दरवाजा पीटना शुरू किया। कुक का कहना है कि उस समय वह सब्जी काट रहा था, इसलिए हाथ में चाकू था। उसे मारने के लिए चाकू नहीं उठाया।
पुलिस ने बताया कि शाम करीब 6:30 बजे कुक और छात्रों के बीच विवाद हुआ। अब मेस और हॉस्टल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कर्मचारी ने सच में चाकू लेकर छात्र को दौड़ाया था या नहीं।


