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5 लाख की ईनामी महिला नक्सली का समर्पण
06-Jan-2026 4:17 PM
5 लाख की ईनामी महिला नक्सली का समर्पण

 'छत्तीसगढ़' संवाददाता
धमतरी, 6 जनवरी।
आज बीजापुर की 5 लाख की ईनामी महिला नक्सली ने धमतरी में पुलिस अफसरों के सामने  आत्मसमर्पण किया।
धमतरी जिले में नगरी एरिया कमेटी की सदस्य एवं गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में सक्रिय रही महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी निवासी पुसनार, थाना गुंगालुर, जिला बीजापुर ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार पांडेय के सामने आत्मसमर्पण किया। शासन द्वारा उस पर 5 लाख रुपये का ईनाम घोषित था।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत कराया गया। पुलिस के मुताबिक, संबंधित महिला नक्सली ने संगठन में रहते हुए पारिवारिक और दांपत्य जीवन से जुड़ी कठिनाइयों, संगठन के आंतरिक व्यवहार तथा विचारधारा से असंतोष के कारण मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत पुलिस मुख्यालय के मार्गदर्शन तथा रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में यह प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, भूमिका उर्फ गीता वर्ष 2005 से माओवादी संगठन से जुड़ी थी। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह वर्ष 2010 तक प्लाटून-01 में रही। इसके पश्चात 2010 में ओडिशा राज्य कमेटी में स्थानांतरण हुआ, जहां 2011 से 2019 तक वह सीसीएम संग्राम की गार्ड के रूप में कार्यरत रही। वर्ष 2019 से 2023 तक वह सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम रही तथा सितंबर 2023 में गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत बताई गई। पुलिस के अनुसार, संगठन में सदस्यों की संख्या कम होने के कारण वह वर्तमान में नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी।

पुलिस के अनुसार, भूमिका उर्फ गीता विभिन्न नक्सली घटनाओं में शामिल रही है। इनमें वर्ष 2010 में ओडिशा के पड़कीपाली (जिला महासमुंद) क्षेत्र में हुई मुठभेड़, वर्ष 2014 में मैनपुर के मोतिपानी जंगल, वर्ष 2016 में नुआपाड़ा (ओडिशा) के कमलावाड़ी एवं पोतेलपाड़ा जंगल, वर्ष 2018 में जिला बीजापुर के तिमेनार जंगल, वर्ष 2023 में गरियाबंद के ताराझार जंगल, वर्ष 2024 में धमतरी के एकावरी जंगल, वर्ष 2025 में धमतरी के मांदागिरी जंगल तथा 10 नवंबर 2025 को गरियाबंद के सेमरा जंगल में हुई मुठभेड़ों में शामिल होना बताया गया है। पुलिस का कहना है कि इन घटनाओं में विभिन्न प्रकार की स्थिति रही है, जिनका उल्लेख पुलिस अभिलेखों में दर्ज है।
पुलिस के अनुसार, उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के अनुसार उसे 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।


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