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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 6 जनवरी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की एक टिप्पणी को लेकर साहू संगठन में नाराजगी फैल गई है। डिप्टी सीएम अरुण साव की तुलना ‘बंदर’ से किए जाने को समाज के नेताओं ने आपत्तिजनक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बिलासपुर में साहू समाज के पदाधिकारियों ने इस मामले में एसएसपी को ज्ञापन सौंपते हुए 10 दिनों के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की है।
साहू समाज के प्रतिनिधियों ने रजनेश सिंह से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई और कहा कि यदि तय समयसीमा में माफी नहीं मांगी गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। समाज का कहना है कि बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं और यह अमर्यादित है।
मालूम हो कि पूर्व मुख्यमंत्री 29 दिसंबर 2025 को बिलासपुर के लिंगियाडीह पहुंचे थे। वहां बस्ती उजाड़ने के विरोध में चल रहे आंदोलन को समर्थन देते हुए उन्होंने डिप्टी सीएम अरुण साव पर तीखे तंज कसे। उन्होंने विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए और विधायक अमर अग्रवाल पर भी टिप्पणी की। बघेल ने अपने बयान में एक दंत कथा के जरिए अरुण साव पर निशाना साधते हुए कहा था कि जंगल में शेर के स्थान पर बंदर को राजा बनाया गया और उसके प्रयासों का उदाहरण देते हुए मौजूदा स्थिति की तुलना की। इसी टिप्पणी को लेकर विवाद गहराया।
बिलासपुर में जिला साहू संघ के अध्यक्ष तिलकराम साहू ने कहा कि उपमुख्यमंत्री और साहू समाज के गौरव पर की गई टिप्पणी से पूरे समाज में आक्रोश है। संघ की मांग है कि भूपेश बघेल सार्वजनिक रूप से बयान वापस लें और स्पष्ट शब्दों में माफी मांगें। 10 दिन की समयसीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा।


