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खराब सड़कों पर पीडब्ल्यूडी सचिव का शपथपत्र नहीं आया, दो दिन का समय दिया हाईकोर्ट ने
06-Jan-2026 2:47 PM
खराब सड़कों पर पीडब्ल्यूडी सचिव का शपथपत्र नहीं आया, दो दिन का समय दिया हाईकोर्ट ने

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 6 जनवरी। प्रदेश की जर्जर सड़कों को लेकर चल रही जनहित याचिका की सुनवाई में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के सचिव का शपथपत्र तय समय पर पेश नहीं होने पर नाराजगी जताई और शासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए। शासन की ओर से समय मांगे जाने पर कोर्ट ने 8 जनवरी (गुरुवार) को अगली सुनवाई तय की है।

सोमवार को हुई सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविन्द कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच में हुई। शासन की ओर से बताया गया कि कोर्ट के पिछले निर्देशों के बावजूद सचिव का शपथपत्र अभी तक दाखिल नहीं हो सका है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह मुद्दा प्रदेश की जनता से जुड़ा है, ऐसे में शासन को गंभीरता और जवाबदेही दिखानी चाहिए।

शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने शपथपत्र दाखिल करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने अनुरोध स्वीकार करते हुए 8 जनवरी को अगली सुनवाई निर्धारित की।

पूर्व की सुनवाइयों में हाईकोर्ट ने कहा था कि बार-बार शपथपत्र देने मात्र से उद्देश्य पूरा नहीं होगा। सिर्फ कागजी रिपोर्ट पेश कर अधिकारी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि प्रदेश की सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदमों का अभाव चिंताजनक है।

राज्य शासन ने पहले जवाब में बताया था कि रतनपुर–सेंदरी रोड का काम लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही रायपुर रोड का निर्माण 70 प्रतिशत तक हो गया है और 15 दिनों में पूरा करने का दावा किया गया था।

इसके बावजूद कोर्ट ने रतनपुर मार्ग की बदहाली पर पीडब्ल्यूडी सचिव से शपथपत्र मांगा था। वहीं रायपुर–बिलासपुर मुख्य मार्ग पर पावर प्लांटों की राख फैलने के मामले में मुख्य सचिव से जवाब तलब किया गया था।
इसके अलावा पेण्ड्रीडीह से नेहरू चौक तक की सड़क को स्टेट पीडब्ल्यूडी की बताते हुए उसकी जांच कर निर्माण कराने की बात कही गई।

 


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