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छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 21 दिसंबर। केरल में छत्तीसगढ़ के सतनामी (दलित) समुदाय से जुड़े एक प्रवासी मजदूर की मॉब लिंचिंग कर हत्या किए जाने को अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए गुरु घासीदास सेवादार संघ और लोक सिरजनहार यूनियन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मालूम हो कि यह घटना 17 दिसंबर 2025 को केरल के पलक्कड़ जिला में हुई। रामनारायण बघेल कंस्ट्रक्शन मजदूर के रूप में केरल में काम कर रहे थे। अस्वस्थ होने के कारण वे छत्तीसगढ़ लौटने के लिए निकले थे, इसी दौरान उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया बताकर भीड़ ने घेर लिया और बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
जीएसएस के सचिव अजय अनंत ने कहा कि उनको मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस को मृतक के पास से एक मोबाइल नंबर मिला, जो उसके भाई शशिकांत का था। पुलिस ने शशिकांत से संपर्क कर घटना की जानकारी दी और एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें रामनारायण को बांग्लादेशी कहकर पीटा जा रहा था।
मृतक के परिवार में बुजुर्ग मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद जीएसएस ने पीड़ित परिवार से संपर्क करने और आगे की कार्रवाई के लिए अपनी टीम सक्ती जिले के लिए रवाना किया।
जीएसएस, एलएसयू ने अपने बयान में कहा है कि यदि केरल जैसे राज्य में, जहां लंबे समय से वामपंथी शासन रहा है, इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। संगठन ने आरोप लगाया कि धार्मिक और भौगोलिक पहचान के आधार पर नफरत फैलाकर निर्दोष मजदूरों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि मामले की गहराई से जांच हो, दोषियों को कड़ी सजा मिले और पीड़ित परिवार को तत्काल राहत व मुआवजा दिया जाए।


