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पेड़ कटाई का रास्ता साफ, भूपेश ने कहा-कांग्रेस विरोध करेगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 नवंबर। सरकार ने राजस्थान विद्युत निगम को सरगुजा में आबंटित कोयला खदान के खनन प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। वन विभाग ने यह प्रस्ताव केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेज दिया है। अंतिम स्वीकृति वहीं से जारी होगी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सरकार के अनुशंसा पत्र को सोशल मीडिया पर जारी किया है और लिखा कि अडानी के नाम हुआ जंगल।
पूर्व सीएम ने एक्स पर लिखा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने भारी विरोध के बावजूद केते एक्सटेंशन के लिए वन एवं पर्यावरण की मंज़ूरी दे दी है।
मतलब यह कि 1700 हेक्टेयर जंगल की कटाई होगी। ऐतिहासिक महत्व वाली रामगढ़ की पहाडिय़ों पर खतरा मंडराता रहेगा।
यह छत्तीसगढ़ को ‘अडानीगढ़’ बनाने की ओर भाजपा का एक और कदम है।
साबित हो गया कि भाजपा को जनता और जनहित की कोई चिंता नहीं है।
पूर्व सीएम ने आगे लिखा कि कांग्रेस राज्य की जनता के साथ मिलकर इस मंज़ूरी का भरपूर विरोध करेगी।
बताया गया कि राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, ज्योति नगर, सरगुजा जिले के सरगुजा वनमंडल अंतर्गत रकबा 1742.600 हे. (संरक्षित वन भूमि 1742.155 हे. + राजस्व वन भूमि 0.445 हे.) वन भूमि के व्यपवर्तन प्रस्ताव पर वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 अंतर्गत राज्य शासन द्वारा स्वीकृति की अनुशंसा की गई है। इस आशय का पत्र एआईजी (एफसी) केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेज दिया है। अंतिम स्वीकृति के बाद संरक्षित वन भूमि पर पेड़ों की कटाई शुरू हो जाएगी। हालांकि सरकार के इस प्रस्ताव से पहले ग्रामसभा ने इसका विरोध करती रही है। राज्य की मंजूरी के बाद इलाके में आंदोलन तेज हो सकता है।


