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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (एसआईआर) के ज़रिए बड़े पैमाने पर नाम काटने की तैयारी है.
एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने चुनाव आयोग को 'केंचुआ' कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के आदेश के कारण दबाव की स्थिति बनी है और कई बीएलओ की मौत हो गई है.
भूपेश बघेल ने कहा, "पोलिंग बूथ में अगर 500 या 800 वोट हैं, तो कितने घंटे लगेंगे? ये जो एक महीने की समयसीमा तय की गई है और इसके कारण ये केंचुआ के आदेश से...केंचुए के डसने से दर्जनों बीएलओ की मौत हो गई है. केंचुआ मतलब समझ रहे हैं ना केंद्रीय चुनाव आयोग."
उन्होंने कहा, "एसआईआर में बड़े पैमाने पर नाम काटने की तैयारी है. ये लोग बोल रहे हैं कि जो बांग्लादेशी हैं, उन्हें बाहर करने का मौक़ा मिलेगा. सरकार आपकी है, हमने विधानसभा में बार-बार पूछा है कि कितने रोहिंग्या हैं, कितने बांग्लादेशी हैं, कितने पाकिस्तानी हैं, बताएं. अभी तक सरकार आंकडे़ नहीं दे पाई है."
वहीं छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, "एसआईआर महत्वपूर्ण विषय है. बीजेपी का पूरा तंत्र इस पर लगा हुआ है. अधिक से अधिक जितने भी योग्य लोग हैं उनका नाम जुड़े और घुसपैठियों का नाम हटे, इन दोनों ही दायित्वों को लेकर काम किया जा रहा है." (bbc.com/hindi)


