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रायपुर/नई दिल्ली, 24 नवंबर। बीजापुर व रायपुर में एक्सपायरी दवाओं से आंखें खराब होने का मामला संसदीय समिति की बैठक में गूंजा।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को नई दिल्ली में रसायन और उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में यह मुद्दा उठाया।
बीजापुर जिला अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की दृष्टि जाने तथा रायपुर में 9 लोगों की आंखें खराब होने की घटनाओं को गंभीरता से उठाया।
उन्होंने कहा “यदि दवा एक्सपायर है, तो उसके लिए वही कंपनी जिम्मेदार होगी। ऐसी दवाओं के निस्तारण और जवाबदेही की सख्त नीति अनिवार्य है। मरीजों की जिंदगी से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि, “एक्सपायरी दवाओं का उचित निस्तारण नहीं होने से पर्यावरण, मिट्टी और जल स्रोत गंभीर रूप से प्रदूषित होते हैं। अतः केंद्र सरकार को ऐसी दवाओं को वापस लेने और नष्ट करने के लिए कंपनियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।”उन्होंने साफ कहा कि एक्सपायर दवाओं को खुले में फेंकना न सिर्फ खतरनाक है बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है।


