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कारोबारी और पटवारी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 14 जून। शहर के कस्तूरबा नगर इलाके में जमीन के रकबे में कथित हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े धोखाधड़ी के मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक जूता एवं रियल एस्टेट कारोबारी तथा तत्कालीन हल्का पटवारी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ के आरोप में अपराध दर्ज किया है।
आरोप है कि राजस्व अभिलेखों में ओवरराइटिंग कर 3 डिसमिल जमीन को 6 डिसमिल दर्शाया गया और बाद में उसी जमीन को दो अलग-अलग लोगों को बेच दिया गया।
जानकारी के अनुसार सिंधी कॉलोनी स्मार्ट रोड निवासी किशोर दयालानी जूते और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। उनके गोलबाजार और राजीव प्लाजा में व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। उन्होंने 16 जनवरी 2009 को जरहाभाठा स्थित कस्तूरबा नगर के खसरा नंबर 54/25 की जमीन लोइस हीराधर और श्वेता हीराधर से खरीदी थी। बिक्री विलेख तथा उस समय के बी-1 राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भूमि का क्षेत्रफल 0.012 हेक्टेयर, यानी लगभग 3 डिसमिल या 1295 वर्गफुट था।
शिकायत के अनुसार किशोर दयालानी ने तत्कालीन हल्का पटवारी धीरेंद्र सिंह और अन्य राजस्व कर्मचारियों के साथ मिलकर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी की। वर्ष 2006-07 से 2010-11 तक के मूल खसरा पी-2 रिकॉर्ड में कथित तौर पर ओवरराइटिंग कर 0.012 हेक्टेयर को 0.024 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया।
कागजों में भूमि का क्षेत्रफल दोगुना होने के बाद उसे दो हिस्सों में बांट दिया गया। इसके बाद 14 मार्च 2011 को एक हिस्सा अनिल मोटवानी और दूसरा हिस्सा रेशमा मोटवानी को पंजीकृत विक्रय पत्र के माध्यम से बेच दिया गया।
पूरे मामले का खुलासा सिंधी कॉलोनी निवासी और संपत्ति निवेशक शंकरलाल दयालानी की जांच के दौरान हुआ। विवादित भूमि पर बने मकान की बिक्री की तैयारी चल रही थी और वह उसे खरीदने में रुचि रखते थे। सौदा तय करने से पहले उन्होंने वर्ष 2002 से 2011 तक के बी-1 और खसरा पी-2 अभिलेखों का परीक्षण कराया। जांच में सरकारी दस्तावेजों में कथित काट-छांट और रकबे में बदलाव के प्रमाण सामने आए। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पुलिस ने शिकायत और दस्तावेजी जांच के आधार पर संबंधित कारोबारी तथा तत्कालीन पटवारी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।


