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16 जून से खुलेंगे प्रदेश के सभी स्कूल, 1 जुलाई से सत्र शुरू होने की खबर फर्जी
14-Jun-2026 12:19 PM
16 जून से खुलेंगे प्रदेश के सभी स्कूल, 1 जुलाई से सत्र शुरू होने की खबर फर्जी

लोक शिक्षण संचालनालय ने जारी किया स्पष्टीकरण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 14 जून। छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलने की तारीख को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रमित करने वाली खबरों के बीच लोक शिक्षण संचालनालय ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग ने कहा है कि राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 16 जून 2026 से होगी। सोशल मीडिया पर प्रसारित 1 जुलाई से स्कूल खुलने संबंधी जानकारी पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और फर्जी है।

लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश 15 जून को समाप्त हो जाएगा और 16 जून, मंगलवार से नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव 2026 का भी शुभारंभ होगा।

स्कूल शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि शाला प्रवेश उत्सव को जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए। इसके लिए गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाएगी। बैनर, पोस्टर, रैली और जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बच्चों के स्कूल प्रवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्कूल विकास समितियों तथा पालकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

स्कूल खुलने से पहले सभी विद्यालय भवनों, कक्षाओं और परिसरों की साफ-सफाई तथा आवश्यक मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। जिन भवनों में सुधार कार्य आवश्यक हैं, उन्हें 15 जून तक पूरा करने को कहा गया है। साथ ही विद्यालयों में बच्चों के लिए आकर्षक और शिक्षण-सामग्री आधारित वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग ने स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने को अभियान की प्रमुख प्राथमिकता बताया है। कक्षा पहली में आंगनबाड़ी केंद्रों से प्राप्त सूची के आधार पर सीधे प्रवेश दिया जाएगा। वहीं कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए प्राथमिक विद्यालयों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों की सूची और स्थानांतरण प्रमाण-पत्र के आधार पर नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।

विभाग ने सभी स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही विषय शिक्षकों को आगामी तीन महीनों की शैक्षणिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।

शाला प्रवेश उत्सव के दौरान नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा। पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और साइकिल वितरित की जाएंगी। बोर्ड परीक्षाओं और स्थानीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों तथा प्रेरणादायक अभिभावकों का सम्मान भी किया जाएगा।

अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इच्छुक नागरिक बच्चों के लिए स्लेट, कॉपी, पेंसिल, ज्योमेट्री बॉक्स और स्कूल बैग जैसी सामग्री भी स्वेच्छा से दान कर सकेंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए अलग से कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से किया जाएगा। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक, डायट प्राचार्य और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और शैक्षणिक मार्गदर्शन के निर्देश दिए गए हैं।

 


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