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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,10 नवंबर। महासमुंद-बलौदा बाजार जिले के बारनवापारा अभ्यारण्य में फिर से बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विकास निगम क्षेत्र में टाइगर मूवमेंट के संकेत मिलने के बाद वन विभाग अलर्ट पर है। अधिकारियों ने सर्च ऑपरेशन तेज करते हुए इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है। वन विभाग के मुताबिक बलौदाबाजार और महासमुंद जिले की सीमा स्थित वन विकास निगम क्षेत्र में बाघ के पैरों के निशान और मूवमेंट के संकेत मिले हैं।
सूत्रों के अनुसार यह बाघ पड़ोसी राज्य के जंगलों से यहां पहुंचा है। फिलहाल विभाग बाघ के मूवमेंट पर नजर रखे हुए हंै और इलाके में कैमरा ट्रैप एवं पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों को जंगल के नजदीक जाने से रोका गया है। पर्यटकों के लिए कुछ रास्तों पर अस्थायी रोक लगाई गई है। विभाग का कहना है कि इससे बाघ को सुरक्षित माहौल मिलेगा और किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सकेगा।
मालूम हो कि पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र में एक बाघ सक्रिय था। जिसे बाद में ट्रेंकुलाइज कर गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व भेजा गया था। इसी इलाके में फिलहाल 28 हाथियों का दल भी सक्रिय है। जिससे वन विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
वन अफसरों का कहना है कि बारनवापारा में बाघ की मौजूदगी यह दर्शाती है कि जंगल का पारिस्थितिकी तंत्र बाधों के अनुकूल हो रहा है। यह राज्य के वन्यजीव संरक्षण अभियान के लिए एक सकारात्मक संकेत है। विभाग ने पूरे क्षेत्र में चौकसी बढ़ाई है और किसी भी वन्य गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है।


