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कोलकाता, 1 जून। भाजपा विधायक स्वपन दासगुप्ता, तापस रॉय और शंकर घोष उन 35 विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के विस्तार के तहत सोमवार को मंत्री पद की शपथ ली।
राज्य में पहली भाजपा सरकार की विस्तारित मंत्रिपरिषद में भौगोलिक, जातीय और लैंगिक आधार पर सावधानीपूर्वक संतुलन स्थापित किया गया है।
राज्यपाल आर. एन. रवि ने यहां लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, मंत्रिमंडल के मौजूदा सदस्य और राज्य प्रशासन के वरिष्ठ नौकरशाह उपस्थित थे।
भाजपा के 13 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली, जबकि तीन को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 अन्य को राज्य मंत्री के रूप में मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया।
कैबिनेट मंत्री तापस रॉय ने बताया, ‘‘मंत्रियों के विभागों का बंटवारा बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में होगा।’’
शुभेंदु अधिकारी के अलावा पांच कैबिनेट मंत्रियों ने पहले ही 9 मई को शपथ ली थी। मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या वर्तमान में 41 है, जो 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा में संविधान द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा 44 से तीन कम है।
मंत्रिपरिषद के सदस्य बंगाल के समाज के विभिन्न वर्गों से हैं। मंत्रियों में डॉक्टर, शिक्षाविद् और पत्रकार शामिल हैं।
भाजपा ने बिधाननगर सीट जीतने वाले कैंसर रोग विशेषज्ञ (ऑन्कोलॉजिस्ट) शरदवत मुखर्जी और खरदाहा के प्रोफेसर कल्याण चक्रवर्ती को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया है।
बेहाला पश्चिम के एक अन्य ऑन्कोलॉजिस्ट इंद्रनील खान को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया, जबकि राजनीति में आने से पहले घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली कलिता माझी को राज्य मंत्री बनाया गया।
पत्रकार से नेता बने स्वपन दासगुप्ता, जिन्होंने दक्षिण कोलकाता की प्रतिष्ठित रासबिहारी सीट जीती, और बीरभूम के सूरी से जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
भाजपा विधायक राजेश महता और मालती आर. रॉय ने भी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।
राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में जोयेल मुर्मू, अशोक डिंडा, आनंदमय बर्मन, कौशिक चौधरी, गार्गी दास घोष, भास्कर भट्टाचार्य, दिबाकर घरामी और सुमन सरकार शामिल हैं।
भाजपा विधायक शांतनु प्रमाणिक, पूर्णिमा चक्रवर्ती और उमेश राय ने भी राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।
कूच बिहार में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित माथाभांगा सीट से राजबंशी नेता, मंत्री निसिथ प्रमाणिक की पहले से ही कैबिनेट में उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए, तीन नये मंत्रियों -- फालाकाटा से दीपक बर्मन, सिलीगुड़ी से शंकर घोष और अलीपुरद्वार के कुमारग्राम से मनोज कुमार ओरांव -- को उत्तर बंगाल क्षेत्र से विस्तारित मंत्रिमंडल में जगह दी गई।
मालती आर. रॉय को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार अन्य -- दार्जिलिंग जिले की माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी सीट से आनंदमय बर्मन, अलीपुरद्वार के कलचीनी से बिशाल लामा, रायगंज से कौशिक चौधरी, और उत्तर दिनाजपुर के करणदिघी से बिराज विश्वास को राज्य मंत्री का पद दिया गया। इसके साथ, उत्तर बंगाल से मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर नौ हो गई।
उत्तर बंगाल वह क्षेत्र है जहां चुनावों में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर निर्णायक बढ़त हासिल की थी।
ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल के दौरान, पूर्ववर्ती सरकार में 43 मंत्रियों में से आठ उत्तर बंगाल से थे।
पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान क्षेत्र की प्रशासनिक उपेक्षा किये जाने की निरंतर शिकायतें देखने को मिली थीं।
आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा पॉल, जिन्हें पहले कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी और महिला एवं बाल कल्याण विभाग सौंपा गया था, शुभेंदु अधिकारी सरकार में एकमात्र महिला कैबिनेट मंत्री हैं।
सोमवार को हुए मंत्रिपरिषद विस्तार के बाद, अब मालती आर. रॉय स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री होंगी, जबकि चार अन्य महिला विधायक -- बर्धमान दक्षिण से मौमिता विश्वास मिश्रा, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, मुर्शिदाबाद के कंडी से गार्गी दास घोष और हुगली के बालागढ़ से सुमन सरकार - कनिष्ठ मंत्री होंगी।
बंगाल की भाजपा सरकार में महिला मंत्रियों की कुल संख्या छह है, जो ममता बनर्जी नीत 2021 की मंत्रिपरिषद की नौ महिलाओं से कम है।
विस्तारित मंत्रिपरिषद में वर्तमान में, राज्य के विभिन्न जातीय समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले 14 मंत्री शामिल हैं, जिनमें से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) से आने वाले 11 विधायकों ने सोमवार को शपथ ली।
भाजपा ने फालाकाटा से अनुसूचित जाति के विधायक दीपक बर्मन और कुमारग्राम के आदिवासी नेता मनोज कुमार ओरांव - दोनों उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले से हैं - को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया।
राज्य कैबिनेट में एससी-एसटी नेताओं की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है जिनमें राजबंशी नेता प्रमाणिक, मतुआ समुदाय के नेता अशोक कीर्तनिया और आदिवासी समुदाय से क्षुदीराम टुडू शामिल हैं।
शुभेंदु ने नौ मई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
शुभेंदु के साथ भाजपा विधायकों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निसिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडू ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।
मंत्रिपरिषद में सदस्यों को शामिल किए जाने को लेकर शुभेंदु और भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पिछले सप्ताह नयी दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकें की थीं।
राज्य में हाल में संपन्न चुनावों में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 208 सीट हासिल की थीं। (भाषा)


