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पटना में बुधवार को पुलिस ने बीपीएससी की 67वीं प्रारम्भिक परीक्षा में पर्सेंटाइल सिस्टम लागू किए जाने और दो पालियों में परीक्षा कराए जाने के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज किया.
इसके साथ ही कई अभ्यर्थियों के पुलिस द्वारा पकड़े जाने की बात भी सामने आ रही है.
बीपीएससी कार्यालय पर प्रदर्शन करने पहुंचे अभ्यर्थी अमर्त्य कुमार बीबीसी से बातचीत में कहते हैं, “जैसे हमें 67वीं बीपीएससी की प्री परीक्षा दो पाली में देने की बात कही जा रही है, इससे भ्रष्टाचार और भी बढ़ेगा. जब आयोग एक पाली में आधे अभ्यर्थियों की परीक्षा लेने की बात कह रहा है तो क्या इसमें सारी कैटेगरी के अभ्यर्थी आ सकेंगे? क्या आरक्षण को सही से लागू किया जा सकेगा?”
इससे पहले बीती 8 मई को 67वीं बीपीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद उसे रद्द कर दिया गया था.
आज से 5 दिन पहले भी बीपीएससी के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने आयोग के बाहर प्रदर्शन किया था.
प्रदर्शनकारियों का प्रतिनिधिमंडल तब आयोग के अध्यक्ष से मुलाक़ात करने गया था.
इस प्रतिनिधिमंडल के सदस्य दिलीप कुमार ने आयोग के अध्यक्ष से मुलाक़ात के बाद बीबीसी से बातचीत में कहा था कि उन्होंने अध्यक्ष को विज्ञापन का हवाला दिया कि कैसे पूरी परीक्षा एक पाली में ही कराने की बात आयोग ने कही थी.
जवाब में आयोग के अध्यक्ष ने उनसे कहा था कि आयोग इस मामले को देख रहा है कि कैसे परीक्षा सही से कराई जाए. किसी के कोर्ट में चैलेंज करने की स्थिति में वे क्या कर सकते हैं. पर्सेंटाइल के सवाल पर अध्यक्ष ने उन्हें आश्वस्त किया था कि पर्सेंटाइल सिस्टम लागू नहीं होगा. दोनों पालियों का कट ऑफ़ अलग-अलग होगा. दोनों पालियों में अभ्यर्थियों की संख्या बराबर होगी.
हालाँकि, आयोग के अध्यक्ष अतुल प्रसाद ने अभ्यर्थियों को 31 अगस्त मिलने के लिए फिर से बुलाया था. अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने छात्रों से मिले बग़ैर ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया कि 67वीं बीपीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा दो पालियों में कराई जाएगी. साथ ही पिछली सूचना के हिसाब से पर्सेंटाइल सिस्टम भी लागू रहेगा. अभ्यर्थी इस नोटिफ़िकेशन को खुद के साथ धोखा करार दे रहे हैं. (bbc.com/hindi)


