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छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 31 अगस्त। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के मुताबिक छत्तीसगढ़ में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जब मानसून द्रोणिका हिमालय की तराई में चली जाती है तो ऐसी स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यदि पश्चिमी हवाएं चलती तो बारिश इससे भी कम होती। बंगाल की खाड़ी से नमीयुक्त हवाएं आने के कारण भी इतना पानी गिर जाता है।
उन्होंने बताया कि आज राजधानी में खंड वर्षा हुई है। यानी, राजधानी के उपर जहां, जहां बादल बने वहां बरसे। ऐसे बादल कुछ सौ मीटर से कुछ किमी तक भी बनते हैं। इसलिए जयस्तंभ चौक और आसपास बारिश हुई। ऐसी ही बारिश लालपुर की तरफ तो 21 मिमी दर्ज हुई। रोहिणीपुरम, डीडी नगर और आसपास भी चंद मिनटों की बारिश हुई।

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक
मानसून द्रोणिका हिमालय की तराई में अभी भी बना हुआ है। प्रदेश में कल 01 सितम्बर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने हैं अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात भी हो सकती है।


