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यूपीएससी के नतीजे घोषित, छत्तीसगढ़ से अक्षय, श्रद्धा समेत 5 सफल
30-May-2022 4:08 PM
यूपीएससी के नतीजे घोषित, छत्तीसगढ़ से अक्षय, श्रद्धा समेत 5 सफल

  श्रुति शर्मा देशभर में टॉपर    
  कांग्रेस नेता, आईएएस-आईपीएस और कलेक्टोरेट में रीडर का बेटा भी चयनित   

नई दिल्ली/रायपुर, 30 मई। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 का परिणाम घोषित कर दिया गया है और इसमें शुरुआती तीन टॉपर लड़कियाँ रही हैं। परीक्षा में पहला स्थान श्रुति शर्मा, दूसरा अंकिता अग्रवाल और तीसरा गामिनि सिंगला को मिला है। छत्तीसगढ़ से 5 युवाओं ने सफलता  हासिल की है। कांग्रेस और भाजपा नेता के अलावा आईएएस-आईपीएस दंपत्ति के पुत्र व धमतरी कलेक्टर के रीडर के पुत्र भी सफल रहे।

प्रदेश कांग्रेस के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला की पुत्री श्रद्धा शुक्ला 45वें, और डीजी जेल संजय पिल्ले, और अपर मुख्य सचिव रेणु पिल्ले के पुत्र अक्षय पिल्ले 51वें रैंक पर रहें। इसके अलावा धमतरी कलेक्टर के रीडर ओपी चंद्राकर के पुत्र प्रखर चंद्राकर ने 102 रैंक हासिल कर सफलता अर्जित की है। इसी तरह आईएएस उमेश अग्रवाल के बेटे अभिषेक अग्रवाल को 245वां रैंक मिला है। खास बात यह है कि अभिषेक पहले से आईएफएस हैं। इसके अलावा भाजपा नेता पूर्व पार्षद ममता सुभाष अग्रवाल के बेटे प्रतीक अग्रवाल ने 156वीं रैंक हासिल की है।
फाइनल रिजल्ट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, upsc.gov.in पर देखा जा सकता है। इस बार कुल 685 अभ्यर्थियों ने ये परीक्षा पास की है।

बिना कोचिंग के सफलता
डीजी (जेल)संजय पिल्ले ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में बताया कि अक्षय ने 12वीं तक की पढ़ाई राजकुमार कॉलेज से की है। इसके बाद एनआईटी रायपुर से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। उन्होंने घर पर ही रहकर यूपीएससी की तैयारी की है। किसी तरह की कोचिंग भी नहीं की, और सफलता हासिल की। संयोग है कि संजय पिल्ले ने भी रायपुर इंजीनियरिंग कॉलेज(एनआईटी)से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उनकी पत्नी प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एसीएस रेणु पिल्ले है। दोनों माता पिता ने अक्षय के कोचिंग गुरू रहे।
 

आईएएस बनने का सपना हुआ साकार
धमतरी कलेक्टोरेट में पदस्थ रीडर ओपी चंद्राकर के बेटे प्रखर चंद्राकर ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की है। प्रखर की सफलता पर उनके पिता को बधाई देने के लिए तांता लगा रहा। परिवार और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है।
ओपी चंद्राकर ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में बताया कि प्रखर शुरू से ही आईएएस  बनना चाहता था। उसने धमतरी के मॉडल स्कूल से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद रायपुर एनआईटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी टेक किया। प्रखर एनटीपीसी में भी सेवाएं दे चुका है। इसके अलावा वर्तमान में वह रेलवे संबलपुर में सहायक इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई की, और लक्ष्य हासिल किया।
 

घर पर ही रहकर की तैयारी
मोवा में रहने वाली कांग्रेस के संचार विभाग के  चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला की बेटी श्रद्धा को 45वां रैंक हासिल हुआ है। तीसरे अटेम्प्ट में उन्होंने यह सफलता हासिल की है। 23 साल की श्रद्धा का चयन इससे पहले एकाउंट एंड टेली सर्विसेस में हो चुका है। रायपुर में ही रहकर उन्होंने यूपीएसएसी की तैयारी की।

बेटी के यूपीएससी में चयनित होने पर सुशील आनंद ने कहा कि उनका सिर आज गर्व से और ऊंचा हो गया है। चयन की सूचना के बाद से ही परिवार में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। परिचितों के आने-जाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। श्रद्धा ने खास बातचीत में कहा कि इंटरव्यू में उनसे आईएएस की कार्यशैली व कलेक्टर बनने पर गंभीर परिस्थितियों से निपटने के तरीके व अन्य सवाल पूछे गए थे। इससे पहले यूपीएससी के चयनितों की दूसरी सूची में उनका नाम था, लेकिन चयन नहीं हुआ था।
 

पैनल को सुनाया राजगीत
श्रद्धा ने बताया कि उन्होंने इंटरव्यू के दौरान पैनल को छत्तीसगढ़ का राजगीत ‘अरपा पैरी के धार..’ गाकर सुनाया था। इससे पैनलिस्ट काफी प्रभावित हुए थे। मैंने ही उन्हें राजगीत सुनाने की इच्छा जताई थी। यूपीएससी की तैयारियों को लेकर श्रद्धा ने कहा कि वे इस मिथक को तोडऩा चाहती थी कि दिल्ली में रहकर ही यूपीएसएसी की तैयारी की जा सकती है। इसलिए ही वे तैयारी के लिए कभी भी दिल्ली नहीं गईं, उन्होंने रायपुर से ही ऑनलाइन तैयारी की।

 


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