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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 29 मई। बुकर पुरस्कार से सम्मानित गीतांजलि श्री का उपन्यास 'रेत समाधि' मूल रूप से हिंदी में प्रकाशित हुआ था जिसे डेजी रॉकवेल द्वारा अंग्रेजी में 'टॉम्ब ऑफ सैंड' के रूप में अनुवाद किया गया है।
दिल्ली की लेखिका गीतांजलि श्री अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लेखिका बन गई हैं। यह हिंदी का पहला उपन्यास है जिसे अंतर्राष्ट्रीय बुकर प्राइज मिला है।
वनमाली सृजन पीठ द्वारा रवीन्द्र भवन, भोपाल में 15 से 17 अप्रैल 2022 को आयोजित समारोह में गीतांजलि श्री को 'वनमाली राष्ट्रीय कथा सम्मान 2021–22' से अलंकृत किया गया था। वनमाली सृजन पीठ का यह प्रतिष्ठित आयोजन संतोष चौबे, वरिष्ठ कवि–कथाकार, विश्व रंग के निदेशक एवं कुलाधिपति रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में रखा गया था।
गीतांजलि श्री को बुकर सम्मान से अलंकृत होने पर 'विश्व रंग' टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव, वनमाली सृजन पीठ, आईसेक्ट पब्लिकेशन, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर, खंडवा, वैशाली, आईसेक्ट विश्वविद्यालय, हजारीबाग, समस्त वनमाली सृजन केंद्रों एवं साहित्य, कला संस्कृति की सभी सहयोगी संस्थाओं ने बधाई दी है।


