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खाद्य विभाग की जांच से पकड़ी गई गड़बड़ी, रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई
बिलासपुर, 25 मई। मस्तूरी के सरकारी राशन दुकान में 12 लाख रुपये से अधिक के खाद्यान्न के गबन का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायत की जांच के दौरान यह गड़बड़ी पकड़ी। अब कार्रवाई के लिए इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है।
मस्तूरी में वृहत्ताकार सहकारी समिति के माध्यम से सरकारी राशन लोगों को मिलता है। यह दुकान 25 साल से संचालित है। ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट में शिकायत की थी कि समिति के प्रबंधक मनोज रात्रे और विक्रेता मनीराम कुर्रे लंबे समय से राशन वितरण में गड़बड़ी कर रहे हैं। एक साल से यहां पात्र लोगों को केरोसिन नहीं दिया जा रहा है। एक किलो शक्कर की पात्रता है पर उसकी जगह 600 से 700 ग्राम ही तौलने की जगह नापकर दिया जाता है। शक्कर का निर्धारित दर 17 रुपये किलो है, पर उसे 20 रुपये में बेचा जाता है। अप्रैल और मई माह के दो महीनों के राशन का आवंटन सोसाइटियों में एक साथ किया गया है पर हितग्राहियों को एक ही माह का राशन दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत मिलने वाला अतिरिक्त चावल नहीं दिया जा रहा है। राशन दुकानदार पहले ई सिग्नेचर ले लेते हैं और मनमाना इंट्री कर लेते हैं।
कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम पंकज डाहिरे ने सहायक खाद्य अधिकारी राजीव लोचन तिवारी के साथ निरीक्षकों की टीम बनाई और राशन दुकान की जांच की। जांच में पता चला कि स्टाक में भारी गड़बड़ी है। 343 क्विंटल चावल जिसकी कीमत 12 लाख 500 रुपये होती है, गायब है। इसके अलावा 8.20 क्विंटल शक्कर, कीमत 32 हजार 800 रुपये और रिफाइंड नमक 21 क्विंटल कीमत 12 हजार 800 रुपये भी स्टाक में नहीं है।
खाद्य विभाग की टीम ने 47 राशन कार्ड धारियों से बयान दर्ज किया, जिसमें ये शिकायतें सही पाई गई हैं। जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी गई, उन्होंने कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर को रिपोर्ट दे दी है।


