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-भार्गव पारीख
"राजेश ने मेरी बड़ी बहन को प्यार के नाम पर सात साल तक धोखा दिया. उनकी एक बेटी भी हुई, लेकिन उसने मेरी बेटी से शादी नहीं की. उसने मेरी छोटी बहन को गिफ़्ट में टेडी बियर दिया, जिसके भीतर एक बम था."
हरीश दल्वी अपनी नई ब्याही बेटी सलमा के पति यानी अपने दामाद लतेश के साथ हुए हादसे का ब्यौरा देते हुए बताते हैं, "गिफ़्ट के खुलते ही वो फट गया और मेरे दामाद की दोनों आंखें चली गईं. मैं अब क्या कर सकता हूँ… बस अपनी एक आंख अपने दामाद को दे सकता हूं."
उन्होंने बताया कि ये हादसा शादी के दूसरे दिन हुआ जब गिफ़्ट खोले जा रहे थे. गिफ्ट में ये टेडी बियर भी था जिसमें लगे बम के फटने से हरीश के दामाद की आंखें जाती रहीं और हाथ में गंभीर चोट आई.
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गुजरात के नवसारी ज़िले में वांसडा के मींढभारी गांव के निवासी हरीश दल्वी की दो बेटियां हैं. उन्होंने अपनी छोटी बेटी सलमा की शादी बड़े धूमधाम से की.
हरीश बताते हैं कि पूरा परिवार शादी समारोह के अच्छे से संपन्न होने से खुश था. मगर शादी के दूसरे ही दिन उनके पैरों के नीचे से उस वक्त ज़मीन खिसक गई, जब बेटी सलमा का फ़ोन आया और उसने बताया कि "धमाका हो गया और पति लतेश गंभीर रूप से घायल हैं."
बीबीसी से बात करते हुए हरीश कहते हैं, "उस वक्त मैं अपने घर पर आराम कर रहा था, मेरी छोटी बेटी सलमा का फ़ोन आया और उसने बताया कि एक गिफ़्ट फट गया है. मैं भागता हुआ अपने दामाद के घर गया और उन्हें और उनके भतीजे जियांश को बुरी हालत में देखा. वहां चारों तरफ़ ख़ून बिखरा था."
'दामाद को अपनी एक आंख दे दूंगा'
हरीश बताते हैं, "धमाके के बाद पूरा घर तहस-नहस हो गया था. हम लतेश और उसके भतीजे को अस्पताल ले गए. मेरी बेटी ने कहा कि वो सब लोग गिफ़्ट खोल रहे थे, जिसके बाद वो और उनकी भाभी चाय बनाने किचन में चली गईं. थोड़ी ही देर में उन्हें धमाका सुनाई दिया. उन्होंने देखा कि एक टेडी बियर का प्लग बिजली के बोर्ड में लगा है और वो फट गया है. उनके पति और भतीजा खून में सने पड़े थे."
वो बताते हैं, "हमने सोचना शुरू किया कि ये गिफ़्ट किसने दिया. हमें याद आया कि ये टेडी बियर आरती ने गिफ़्ट किया था, जो मेरी बड़ी बेटी जागृति की दोस्त है. जब हमने आरती से पूछा, तो उसने बताया कि दरअसल ये गिफ़्ट राजेश पटेल ने जागृति को देने के लिए उनके पास भेजा था. राजेश वही आदमी है जिसने मेरी बेटी जागृति को धोखा दिया… वो सात साल तक जागृति के साथ था और उनकी एक बेटी भी है."
"हमारा संदेह तब यकीन में बदल गया कि जिस इंसान ने मेरी बड़ी बेटी की ज़िंदगी बर्बाद कर डाली, वो अब मेरी छोटी बेटी की ज़िंदगी क्यों बर्बाद कर रहा है? मेरे दामाद की बाईं कलाई में गंभीर चोट आई है और डॉक्टर का कहना है उसकी आंखें भी चली गई हैं."
"मैं अपने दामाद के लिए अब कुछ और तो नहीं कर सकता, मगर मैं उसे अपनी एक आंख दे दूंगा."
वासंडा पुलिस थाने के जांच अधिकारी वीरेंद्र सिंह वाघेला ने बताया है कि राजेश पटेल वही व्यक्ति हैं जिनके साथ जागृति लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थीं.
वो कहते हैं, "हमने जागृति की दोस्त आरती से पूछताछ की और उसने बताया कि ये टेडी बियर उसे राजेश पटेल ने दिया था. राजेश ने रोते हुए कहा था कि जागृति उससे कोई गिफ़्ट नहीं लेगी, मगर वो ये गिफ़्ट अपनी बेटी को देना चाहता था. आरती ने ये टेडी बियर शादी के दिन दल्वी परिवार को दिया था. आरती के बयान के आधार पर हमने उसे गिरफ़्तार कर लिया है."
'मेरे भाई की ज़िंदगी बर्बाद हो गई'
राजेश और जागृति के रिश्ते के बारे में हरीश कहते हैं, "मेरी बेटी और राजेश पटेल साथ में नौकरी करते थे, दोनों के बीच प्यार हो गया. उसने मेरी बेटी से शादी का वादा किया और उसे गर्भवती कर दिया. उनकी एक बेटी भी हुई. मगर उसने शादी से इनकार कर दिया जिसके बाद जागृति मेरे घर वापस आ गई."
"राजेश जागृति को मार डालने की धमकी दिया करता था. अगर हमें पता होता कि वो सच में ऐसा कुछ करेगा तो हम पहले ही पुलिस में उसकी शिकायत करते."
सूरत के रेंज आईजी राजकुमार पांडियन ने इस मुद्दे पर कहा, "टेडी बियर को फ़ोरेंसिक लेबोरेट्री भेजते समय हमने पाया कि उसके भीतर डेटोनेटर और जिलेटिन स्टिक हैं. हमने राजेश पटेल से पूछताछ की और पाया कि उसने अपने दोस्त महेश पांड्या से जिलेटिन स्टिक्स ख़रीदी थीं जो डेटोनेटर और जिलेटिन बेचने वाली एक कंपनी में काम करता है. इनका इस्तेमाल कुओं में धमाके करने में होता है."
"उसने टेडी बियर में इन चीज़ों को इस तरह लगाया था कि जैसे ही इसे इलेक्ट्रिक प्लग में लगाया जाए, धमाका हो जाए. उसने ये गिफ़्ट अपनी एक कॉमन दोस्त आरती के ज़रिये, जागृति और उसकी बेटी को मारने के इरादे से भेजा था."
पांडियन के अनुसार राजेश की शादी पहले ही हो चुकी थी और उसके पहले से दो बच्चे हैं. दल्वी परिवार का आरोप है कि उसने कथित तौर पर जागृति को बहला-फुसला कर लिव-इन संबंध में रखा लेकिन उससे शादी नहीं की.
पुलिस के अनुसार जागृति ने राजेश पर बार-बार शादी के लिए ज़ोर दिया और दोनों इस मसले को लेकर एक वकील से भी मिले थे. वकील ने उनसे कहा था कि ये शादी तब तक नहीं हो सकती, जब तक राजेश अपनी पहली पत्नी से तलाक न ले ले.
इसके बाद जागृति ने राजेश पटेल को छोड़ दिया और अपनी छह साल की बेटी के साथ अपने पिता के घर आ गई.
हालांकि पुलिस का कहना है कि इसके बाद भी राजेश उन्हें परेशान करता रहा और उसे मार डालने की धमकी दी.
पुलिस ने राजेश के दोस्त महेश पांड्या को भी गिरफ़्तार कर लिया है जिसने विस्फोटक उपलब्ध कराए थे.
वहीं लतेश की बहन अमिता इस हादसे से स्तब्ध हैं. वो कहती हैं, "राजेश पटेल ने मेरी भाभी के परिवार के साथ झगड़ा किया था, मगर मेरे भाई का क्या कसूर था? उसकी दोनों आंखें और हाथ चले गए. उसका जीवन बर्बाद हो गया."
इस तरह के मामलों में अभियुक्त की मानसिकता के बारे में मनोचिकित्सक डॉक्टर प्रशांत भिमानी कहते हैं, "ऐसे लोग इम्पल्स कंट्रोल डिसॉर्डर का शिकार होते हैं. उनकी सोच होती है, कि अगर तुम मेरे नहीं हुए तो मैं तुम्हें किसी और का भी नहीं होने दूंगा." (bbc.com)


