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न्यायालय ने दूसरों को परेशान करने पर लखनऊ में वृद्धाश्रम से बुजुर्ग दंपति को निकालने का आदेश दिया
06-May-2022 8:40 PM
न्यायालय ने दूसरों को परेशान करने पर लखनऊ में वृद्धाश्रम से बुजुर्ग दंपति को निकालने का आदेश दिया

नयी दिल्ली, 6 मई। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को एक बुजुर्ग दंपति को लखनऊ स्थित वृद्धाश्रम से निकालने का आदेश देते हुए कहा कि वे वहां दूसरे लोगों को परेशान कर रहे हैं।

न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि वृद्धाश्रम में रहने वाले लोगों से अपेक्षा की जाती है कि वे न्यूनतम स्तर का अनुशासन और अच्छा व्यवहार बनाए रखें तथा अपने अन्य बुजुर्ग साथियों को परेशान न करें।

शीर्ष अदालत ने कहा कि वृद्धाश्रम का प्रशासन रहने का लाइसेंस समाप्त करने के लिए स्वतंत्र है और अगर कोई अन्य साथियों की शांति भंग करता है तो उसे आवंटित कमरा खाली करने को कहा जाए।

यह आदेश समर्पण वरिष्ठ जन परिसर की अपील पर आया। इसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें वृद्धाश्रम से कहा गया था कि वह संबंधित बुजुर्ग दंपति को बाहर न निकाले।

शीर्ष अदालत ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला उचित नहीं है, हालांकि अपीलकर्ता प्रतिवादी एक और दो के लिए वैकल्पिक वृद्धाश्रम की व्यवस्था करेगा जैसा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है।

शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को एक स्वयंसेवी की प्रतिनियुक्ति करने का भी निर्देश दिया, जो वृद्धाश्रम का यथासंभव अंतराल पर दौरा करे। इसने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव को महीने में शुरू में कम से कम एक बार वृद्धाश्रम का दौरा करने का निर्देश दिया, ताकि वहां रह रहे लोगों को हो रही कठिनाइयों का पता लग सके और उनका समाधान किया जा सके। (भाषा)


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