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क्या मुख्यमंत्री, मंत्री आएंगे तभी काम होगा, प्रशासन पर भडक़े भूपेश
05-May-2022 12:30 PM
क्या मुख्यमंत्री, मंत्री आएंगे तभी काम होगा, प्रशासन पर भडक़े भूपेश

   सिंहदेव का तंज, कलेक्टर-एसपी शिष्टाचार भूल गए    
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 मई। 
जिलों के अलग-अलग दौरे पर निकले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव प्रशासन के कामकाज से नाखुश नजर आए। मुख्यमंत्री ने तो फटकार लगाते हुए यह तक कह दिया कि क्या मुख्यमंत्री और मंत्री आएंगे तभी काम होगा, यह संदेश नहीं जाना चाहिए। दूसरी तरफ , सिंहदेव ने कलेक्टर, एसपी पर सामान्य शिष्टाचार का पालन नहीं करने पर नाराजगी जताई।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुबह राजपुर में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अधिकारियों से जिले की विकास योजनाओं पर चर्चा की। राजधानी से पहुंचे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों की सहूलियत के लिये संचालित विकास योजनाओं और कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए। इसके पहले उन्होंने अधिकारियों से परिचय लिया और खुशनुमा पारिवारिक माहौल में बात की। उन्होंने अधिकारियों की परेशानियों और काम में आ रही दिक्कतों के बारे में भी पूछा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शासन की तरफ से नियम अनुसार सभी संभव मदद का भी आश्वासन दिया।

 बैठक में सीएम बघेल ने कहा कि आम जनता के बीच यह संदेश क्यों जाना चाहिए। जब मंत्री आए, मुख्यमंत्री आए तभी काम होता। जनता के बीच में यह संदेश जाना चाहिए, जहां शिकायत मिली, जानकारी मिली है, त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। चाहे बिजली का खंभा लगाना हो, किसान को कनेक्शन देना हो।

उन्होंने बैठक में अधिकारियों से कहा कि कल पीडीएस दुकान में वहां महिला नहीं थी, दूर खड़ी थी, उसने कहा मुझे राशन कार्ड नहीं मिला है। क्या इसके लिए केवल सीएमओ ही दोषी है। क्या उसके लिए कलेक्टर दोषी नहीं है। विभाग के अधिकारी जिम्मेदार नहीं हैं। क्यों ऐसा होना चाहिए। दो साल से राशन कार्ड नहीं मिला है। आप लोग क्या समीक्षा किए। मैं किसी की आलोचना नहीं कर रहा हूं, केवल जिम्मेदारी का भान करा रहा हूं। एक राशन कार्ड के लिए मुख्यमंत्री को निर्देश करना पड़े, इससे और खराब बात क्या हो सकती है।

प्रशासनिक अधिकारियों शिष्टाचार रखनी चाहिए-सिंहदेव
दूसरी तरफ, दंतेवाड़ा के बाद बस्तर आने पर सिंहदेव ने दौरे पर कहा कि वो बहुत लंबा नहीं खींच सकते, क्योंकि ढाई साल भी बीत गए। दंतेवाड़ा और फिर जगदलपुर में कलेक्टर एसपी की गैरमौजूदगी पर कहा कि नया सा लगा कि कलेक्टर एसपी कही पर भी शिष्टाचार में भी अपनी उपस्थिति उनकी नहीं हुई। दंतेवाड़ा में भी नहीं हुई यहां भी नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि मेरे उम्र से काफी कम है बच्चे ही है, मेरे बच्चे रहते तो इन्हीं सबके उम्र के होते। एक सामान्य सी चीज एक शिष्टाचार रखनी चाहिए। आपसे उम्र में कोई बड़ा है या आया है या प्रोटोकॉल में बड़ा आया है। तो सामान्य सी शिष्टाचार है। इसमें कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। कोई मेरे से मिलने नहीं आएगा तो मुझे नहीं लगता की मैं छोटा हो जाऊंगा। कोई मिलने आएगा तो मुझे ये नहीं लगता कि वो छोटा हो जाएगा।


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