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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की आस जग गई है. विधानसभा चुनाव से पहले परिसीमन आयोग ने अपना काम पूरा कर लिया है. कल इस पर परिसीमन आयोग की बैठक होगी. बैठक 11 बजे आयोजित की जाएगी. इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीटों का स्वरूप क्या होगा, इसके बारे में कल अधिसूचना जारी होने के आसार हैं. माना जा रहा है कि जम्मू में 43 सीटें होंगी जबकि कश्मीर घाटी से 47 सीटें निर्धारित की गई हैं. इस तरह जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सीटें होंगी.कुल सीटों में अनुसूचित जनजाति के लिए 9 और अनुसूचित जाति के लिए 7 सीट का प्रावधान है.
कल लगेगी सीटों पर मुहर
जम्मू-कश्मीर पर बने परिसीमन आयोग का कार्यकाल 6 मई को पूरा हो रहा है. माना जा रहा है कि परिसीमन में भारी बदलाव देखने को मिलेंगे. कल इस मामले में आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप देगा. भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 की समाप्ति और जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन के बाद परिसीमन आयोग को गठित किया था. जम्मू कश्मीर में विधानसभा और लोकसभा सीटों के परिसीमन का काम जम्मू कश्मीर परिसीमन आयोग ने लगभग पूरा कर लिया है. सूत्रों के मुताबिक 5 मई को जम्मू कश्मीर विधानसभा सीटों के परिसीमन से जुड़ी अधिसूचना परिसीमन आयोग की तरफ से जारी कर दी जाएगी. 5 मई को जम्मू कश्मीर परिसीमन आयोग की बैठक है और इस बैठक में जम्मू कश्मीर में सीटों के परिसीमन पर मुहर लग जाएगी.
90 सीटों के लिए परिसीमन
मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा जो की परिसीमन आयोग के सदस्य भी है, उन्होंने कुछ ही दिन पहले न्यूज 18 इंडिया से खास बातचीत में कहा था की 6 मई, 2022 तक जम्मू कश्मीर में लोकसभा और विधानसभा की सीटों के परिसीमन का काम पूरा कर लिया जाएगा. न्यूज 18 इंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में सुशील चंद्रा ने कहा था कि जम्मू कश्मीर परिसीमन का काम मार्च 2020 से चालू है. 2 साल हो चुका है और 6 मई तक परिसीमन आयोग का कार्यकाल है. 6 मई 2022 तक निश्चित तौर पर जम्मू कश्मीर परिसीमन की रिपोर्ट सौंप दी जाएगी. जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद नए कानून के मुताबिक जम्मू कश्मीर राज्य में कुल विधानसभा सीटों की संख्या 107 से बढ़ाकर 114 कर दी गई है लेकिन 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हैं इसलिये 90 सीटों पर ही अभी परिसीमन होगा.
कश्मीरी पंडितों और पीओके से विस्थापितों का भी प्रतिनिधित्व
माना जा रहा है कि नए विधानसभा में कश्मीरी पंडितों के लिए आरक्षित सीटें होंगी जिनपर कश्मीरी पंडितों के प्रतिनिधियों को मनोनीत किया जाएगा. इसके अलावा पाकिस्तान के नजायज कब्जे वाला कश्मीर से विस्थापित लोगों को भी विधानसभा में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा. परिसीमन के तहत कई मौजूदा निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया गया है. आयोग ने इससे पहले अपने मसौदे को जम्मू-कश्मीर के पांचों लोकसभा सांसदों को सौंप चुका है. इनमें तीन नेशनल कांफ्रेंस के और दो बीजेपी के सांसद शामिल हैं. हालांकि नेशनल कांफ्रेंस ने इस मसौदे को खारिज कर दिया था. कुछ दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस की खबर में कहा गया था कि नए मसौदे में आयोग ने कश्मीर संभाग के बारामूला, कुपवाड़ा, श्रीनगर, कुलगाम और अनंतनाग ज़िलों में बदलाव किया है. वहीं, कुपवाड़ा एकमात्र ऐसा ज़िला है, जिसमें विधानसभा क्षेत्र जोड़ा गया है. पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार जम्मू-कश्मीर में जनसंख्या के आधार अनुसूचित जनजातियों के लिए 9 सीटें आरक्षित की गई है.


