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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 29 अप्रैल। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने एक जनहित याचिका दायर कर बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड की जांच के लिए गठित किए गए नए आयोग की वैधानिकता को चुनौती दी है।
अधिवक्ता विवेक शर्मा के माध्यम से दायर पीआईएल में कहा गया है कि इस हमले की जांच जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग कर चुका है और उसने सरकार को अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। कानून कहता है कि जांच रिपोर्ट को 6 माह के भीतर विधानसभा में पेश किया जाना चाहिए लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया, बल्कि करीब 5 माह पहले जस्टिस सतीश अग्निहोत्री और जस्टिस जी मिन्हाजूदीन को लेकर एक नए आयोग का गठन कर दिया। एक आयोग इस मामले की जांच कर चुकी है दोबारा जांच के लिए उस पर ने आयोग का गठन नहीं किया जा सकता। इस आयोग के गठन के आदेश को निरस्त किया जाए।
हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 9 मई को तय की है जिसमें नेता प्रतिपक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी के उपस्थित होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि 25 मई 2013 को बस्तर में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सली हमला हुआ था, जिसमें विद्याचरण शुक्ल नंद कुमार पटेल महेंद्र कर्मा सहित करीब 30 लोगों की घात लगाकर हत्या कर दी गई थी। तत्कालीन भाजपा सरकार ने इसकी जांच के लिए जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय आयोग गठित किया था। बीते साल आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप दी थी जिसे अधूरा बताते हुए मौजूदा सरकार ने नए आयोग का गठन किया है। इसकी एक बैठक बिलासपुर में हो चुकी है जिसमें संबंधित पक्षों ने वकालतनामा पेश किया था अगली सुनवाई रायपुर में होने वाली है। रायपुर में राज्य निर्वाचन आयोग पूर्व कार्यालय को आयोग के कार्यालय के रूप में तैयार किया गया है।


