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Air Chief Marshal VR Chaudhari, इमेज स्रोत,@IAF_MCC
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा है कि वायु सेना को तुरंत नोटिस पर छोटे वक़्त के और गहन अभियानों के लिए तैयार रहना चाहिए.
साथ ही उन्होंने कहा कि छोटे युद्ध और पूर्वी लद्दाख की तरह लंबे वक़्त के तनाव की स्थिति के मुक़ाबले के लिए भी सेना की तैयारी होनी चाहिए.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, गुरुवार को लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट से जुड़े एक कॉन्फ़्रेंस में वायु सेना प्रमुख ने कहा, "मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति में ये ज़रूरी हो गया है कि भारतीय वायु सेना तुरंत नोटिस पर कम वक़्त के अभियानों के लिए तैयार रहे. अधिक प्रभाव वाले अभियानों के नए पैराडाइम में कम से कम बिल्ड-अप टाइम लगता है और इसके लिए लॉजिस्टिक्स के स्तर पर बड़े बदलावों की ज़रूरत है."
उन्होंने कहा कि वायुसेना के पास हथियारों का बड़ा ज़खीरा है, इसलिए ऐसे वक़्त में लॉजिस्टिक्ट की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती साबित हो सकती है.
कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कलपुर्जों की कमी की तरफ भी इशारा किया. माना जा रहा है कि रूस यूक्रेन युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित हो रही है और ज़रूरी पुर्जों की कमी को लेकर चिंता जताई जा रही है. रूस भारत को बड़ी मात्रा में हथियारों के लिए कलपुर्जे सप्लाई करता है.
अख़बार के अनुसार वायु सेना प्रमुख ने कहा, "मुझे लगता है कि इस कमी से निपटने के लिए हमें वक़्त से पहले ज़रूरत का आकलन करने और सामान जमा कर रखने के सिद्धांत पर काम करना चाहिए. हमें कलपुर्जे ख़रीदने की अपनी रणनीति पर भी फिर से विचार करने की ज़रूरत है ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि वक़्त पड़ने पर सामान हमारे पास हो और सप्लाई चेन में दिक्क़तों के कारण हमारा काम न रुके."
उन्होंने कहा, "आने वाले वक़्त में हमारे लिए छोटी जंग से लेकर लंबे वक़्त तक रहने वाली तनाव की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी करना ज़रूरी होगा, जैसा हमने हाल में पूर्वी लद्दाख में देखा है. दोनों ही सूरतों हमें सैनिक और सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाने में लगने वाले संसाधनों की व्यवस्था करनी होगी."
अख़बार लिखता है कि एयर चीफ़ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि आपात स्थिति में भारतीय सेना की आवाजाही से कई जगहों पर सड़क और रेल मार्ग पर यातायात से जुड़ी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं इसलिए "हमें इंटिग्रेटेड रेल और रोड समन्वय योजना को औपचारिक रूप देने की ज़रूरत है और बड़े नागरिक विमानों में अलग जगह बना कर उनके इस्तेमाल की संभावना तलाशने की ज़रूरत है."
साथ ही उन्होंने इसके लिए रणनीतिक तौर पर अहम संसाधनों के देश के भीतर बनाए जाने की बात की और कहा कि सप्लाई चेन की ज़रूरतों के अनुसार, हमें नई तकनीक, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंसस ब्लॉकचेन और इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स का इस्तेमाल भी करना चाहिए.
अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार उन्होंने इससे पहले कहा था कि रूस यूक्रेन में कथित तौर पर हाइपरसोनिक हथियारों के इस्तेमाल की बात आ रही है और भारत में अपने हथियारों के ज़खीरे में ऐसे मिसाइल रखना चाहता है.(bbc.com)


