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माता-पिता और तीनों बेटियों को गमगीन माहौल में दी अंतिम विदाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 23 अप्रैल। खैरागढ़ का कोचर परिवार के पांच सदस्य अब इस दुनिया में नहीं है। शुक्रवार तडक़े राजनांदगांव-खैरागढ़ मार्ग में स्थित सिंगारपुर के आगे मोड़ में बने पुल में दुर्घटनाग्रस्त कार में आग लगने से कोचर परिवार के मुखिया सुभाष कोचर, पत्नी कांति कोचर समेत तीन बेटियां जिंदा जल गई। बालोद से पत्नी के भाई की शादी से लौटते देर रात परिवार के कार में लगी आग से बेसमय मौत की खबर से न सिर्फ खैरागढ़, बल्कि राजनंादगांव और बालोद में शोक की लहर दौड़ गई।
जलती कार में पांचों बाहर नहीं निकल पाए और एक वीभत्स घटना में सभी की दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार की रात लगभग 3 बजे एक राहगीर ने कार में आग लगते देखा और अपने एक रिश्तेदार की मदद से ठेलकाडीह पुलिस को सूचना दी, तब तक सभी कार में आग से झुलसते चिल्ला रहे थे। इस लोमहर्षक घटना की खबर से खैरागढ़ का व्यापारिक जगत भी हिल गया। न सिर्फ खैरागढ़ के कारोबारी, बल्कि आम लोगों के चेहरे में भी घटना को लेकर अफसोस और दुख था। इस बीच शुक्रवार देर शाम को सभी के शव को खैरागढ़ के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए चिता में रखाा गया। एक साथ पांच लोगों के चिता को जलते देखकर हर कोई सहमा रहा।
खैरागढ़ का व्यापारिक इलाका गोलबाजार और बख्शी मार्ग के अलावा अन्य मोहल्लों के लोग भी इस भयानक हादसे से गमगीन रहे। कोचर परिवार के पांचों मृतकों के शव को कंधा देने के लिए लोगों में होड़ रही। घटना के बाद अब कई तरह की बातें सामने आ रही है। सुभाष कोचर का बालोद ससुराली पक्ष रहा था। वह अपनी पत्नी के भाई की शादी में शामिल होने के लिए पत्नी कांति कोचर, तीन पुत्रियां वृद्धि, पूजा और भावना के साथ बालोद में थे। वैवाहिक समारोह के बाद आधी रात को वह खैरागढ़ जाने निकले। ससुराल के लोगों ने कोचर को रात ठहरने पर जोर दिया, लेकिन घर सूना होने का हवाला देकर वह कार से खैरागढ़ के लिए निकल गया। रात लगभग 12 बजे बालोद से निकले सुभाष कोचर स्वयं वेगनआर कार को चला रहे थे। तकरीबन ढाई बजे के आसपास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पुल से कार टकराने के कारण शार्ट-सर्किट से निकली चिंगारी भयावह आग में बदल गई और चंद मिनटों में ही कार को आग ने घेर लिया। ऐसी आशंका है कि कार में सवार पत्नी और पुत्रियां गहरी नींद में थे और पिता सुभाष कोचर की झपकी से कार अनियंत्रित होकर पलट गई और यह हादसा हो गया। बहरहाल पूरा खैरागढ़ आज भी शोक में डूबा हुआ है। जैन समुदाय और अन्य समाज में हादसे को लेकर गहरा दुख का माहौल है। इस बीच राज्यभर के आला नेताओं ने भी हादसे को लेकर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद संतोष पांडेय और राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय के अलावा भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने घटना को लेकर अफसोस जताया।



