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-ललित मौर्य
150 शहरों के लिए जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार सिंगरौली में हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जहां सूचकांक 403 दर्ज किया गया था
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 20 अप्रैल 2022 को शाम चार बजे जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के 150 शहरों में सिंगरौली की हवा सबसे ज्यादा दूषित थी, जहां सूचकांक 403 दर्ज किया गया था। वहीं बल्लभगढ़ 341, भिवाड़ी 321, फरीदाबाद 332, हापुड़ 355, कैथल 328 और रोहतक में वायु गुणवत्ता सूचकांक 302 पर पहुंच गया था, जोकि प्रदूषण की बेहद खराब स्थिति को दर्शाता है।
वहीं जिन 25 शहरों में हवा की गुणवत्ता 'खराब' पाई गई, उनमें गुरुग्राम 260, हिसार 228, जबलपुर 204, जींद 214, कटनी 246, कुरुक्षेत्र 235, लखनऊ 227, मंडी गोबिंदगढ़ 250, मेरठ 246, मुंगेर 231, नोएडा 300, पानीपत 236, औरंगाबाद 289, बहादुरगढ़ 255, भिवानी 275, बुलंदशहर 246, बक्सर 259, चरखी दादरी 246, दिल्ली 277, फतेहाबाद 255, गाजियाबाद 262, ग्रेटर नोएडा 298, पटना 202, समस्तीपुर 288 और सासाराम 202 शामिल रहे।
यदि दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो एक बार फिर से यहां की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में आ गई है, जहां सूचकांक 277 दर्ज किया गया है। जबकि देश के अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों को देखें तो मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 81 दर्ज किया गया था, जो प्रदूषण के 'संतोषजनक' स्तर को दर्शाता है। जबकि कोलकाता में यह इंडेक्स 58, चेन्नई में 40, बैंगलोर में 93, हैदराबाद में 93, अहमदाबाद में 111 और पुणे में 111 दर्ज किया गया।
देश के इन शहरों की हवा रही सबसे साफ
देश के 13 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे रहा। इनमें आइजोल 43, बागलकोट 50, चामराजनगर 43, चेन्नई 40, गोरखपुर 45, गुम्मीडिपुंडी 32, गुवाहाटी 47, हल्दिया 37, पुदुचेरी 31, सतना 49, श्रीनगर 46, तिरुवनंतपुरम 44 और विजयपुरा में सूचकांक 46 दर्ज किया गया।
वहीं कोयंबटूर, दमोह, दावनगेरे, एलूर, एर्नाकुलम, गंगटोक, हावेरी, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंफाल, कलबुर्गिक, कन्नूर, कोलार, कोलकाता, कोल्लम, कोप्पल, कोझिकोड, मदिकेरी, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मैंगलोर, मुंबई, मैसूर, नंदेसरी, नासिक, रायचुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, सागर, शिवमोगा, सिलीगुड़ी, सोलापुर, तालचेर, थूथुकुडी, तिरुपति, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम, यादगिर, अगरतला, अजमेर, अलवर, अमरावती, अंकलेश्वर, आसनसोल, बेंगलुरु और बिलासपुर, चिकबलपुर सहित 50 शहरों में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।
क्या दर्शाता है यह वायु गुणवत्ता सूचकांक, इसे कैसे जा सकता है समझा?
देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है। इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है।
वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है। यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है।
इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है। ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है। (downtoearth.org.in)


