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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जगदलपुर, 20 अप्रैल। नक्सलियों द्वारा सडक़ काट दिये जाने के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी। गर्भवती की स्थिति गंभीर होता देख परिवार वाले उसको खाट पर बैठाकर अस्पताल के लिए रवाना हुए ही थे, कि रास्ते में डीआरजी बल के जवानों ने महिला को खाट पर उठाकर ले जाते हुये देखा। जवानों द्वारा तत्काल गर्भवती को खाट में अपने कंधों पर उठाकर मुख्य मार्ग तक लाया गया एवं अपने गश्त वाहन में बैठाकर तत्काल पालनार स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया। स्वास्थ्य केन्द्र में महिला ने एक स्वस्थ शिशुको जन्म दिया। महिला के परिवार व ग्रामीणों ने डीआरजी बल की सराहना करते आभार जताया।
एक ओर जहां बस्तर क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बल लगातार नक्सलियों के विरूद्ध कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर लगातार विभिन्न अवसरों पर आम जनता की सहायता एवं सेवा करने से भी पीछे नहीं हट रही है। बस्तर क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बल द्वारा विभिन्न अवसरों पर आम जनता तक पहुंचकर कभी चिकित्सा सेवा, कभी राशन, कपड़े एवं अन्य प्रकार से सहायता पहुंचा रही है।
नक्सलियों ने जिला दंतेवाड़ा अंतर्गत ग्राम रेवाली की सडक़ को कई जगह से काट दिया था, जिससे वाहनों का आवागमन बाधित था। इसी बीच ग्राम रेवाली पटेलपारा निवासी गर्भवती कूर्म नंदे पति कूर्म देवा (35 वर्ष) को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिवार वालों ने एम्बुलेेंस को फोन किया, पर नक्सलियों द्वारा सडक़ काट दिये जाने के कारण एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पा रही थी।
गर्भवती की स्थिति गंभीर होता देख परिवार वाले उसको खाट पर बैठाकर अस्पताल के लिए रवाना हुए ही थे, कि रास्ते में डीआरजी बल के जवानों ने महिला को खाट में उठाकर ले जाते हुये देखा। जवानों द्वारा तत्काल मौके से गर्भवती को खाट पर अपने कंधों पर उठाकर मुख्य मार्ग तक लाया गया एवं अपने गश्त वाहन में बैठाकर तत्काल पालनार स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया गया। स्वास्थ्य केन्द्र में महिला ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
डीआरजी बल द्वारा गर्भवती को समय पर अस्पताल पहुंचाने से महिला को चिकित्सा मिलने पर महिला एवं नवजात शिशु दोनों की जान बचाई जा सकी। महिला के परिवार व ग्रामीणों ने डीआरजी बल की सराहना करते हुए कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में पुलिस ने उनकी मदद कर अस्पताल पहुंचाया, जिससे महिला का प्रसव आसानी से करवाया जा सका और माता व शिशु दोनों सकुशल हैं। उन्होंने दन्तेवाड़ा डीआरजी बल का आभार व्यक्त किया।
बस्तर के आईजी सुन्दरराज पी. ने बताया कि विगत लगभग 4 दशकों से प्रतिबंधित एवं गैरकानूनी सीपीआई माओवादी संगठन द्वारा मात्र अपने वर्चस्व को बचाकर रखने के लिये क्षेत्र की जनता को लगातार सडक़, पुल-पुलिया, बिजली आपूर्ति, शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सेवा जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखने के लिये कोशिश की जाती है। माओवादियों की साजिश को विफल करते हुये क्षेत्र की जनता के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु बस्तर पुलिस एवं क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों द्वारा अपने जान को भी जोखिम में डालकर जनहित में समर्पित होकर लगातार कार्य किया जा रहा है। हमें विश्वास है कि क्षेत्रवासियों की मंशानुरूप आगामी समय में बहुत जल्दी बस्तर क्षेत्र में माओवादी संगठन का खात्मा होकर शांति व्यवस्था स्थापित होने के साथ-साथ क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी।



