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पीएम आवास की हिस्सेदारी में रूचि न लेने से सिंधिया ने भूपेश पर साधा निशाना
19-Apr-2022 2:13 PM
पीएम आवास की हिस्सेदारी में रूचि न लेने से सिंधिया ने भूपेश पर साधा निशाना

हेलीकाप्टर से बम्लेश्वरी दर्शन के लिए रायपुर-नागपुर से सुविधा दिलाने प्रयास

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 19 अप्रैल।
केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर पीएम आवास की हिस्सेदारी में रूचि नहीं लेने का गंभीर आरोप लगाते कहा कि यह दुर्भाग्यजनक है कि राज्य सरकार अपने हिस्से की 40 प्रतिशत राशि देने से दूर भाग रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत की थी। जिसमें गरीबों को आवास मिलने से उनका जीवन स्तर बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह समझना होगा।

आकांक्षी योजना की समीक्षा के बाद मीडिया से मुखातिब होते श्री सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नीतियों की तारीफ करते कहा कि उड्डयन  के क्षेत्र में अभुतपूर्व रूप से विकास हुआ है। देश की आजादी के 70 वर्ष में समूचे राष्ट्र में सिर्फ 75 एयरपोर्ट थे। बीते 8 साल के भीतर केंद्र सरकार ने 61 नए एयरपोर्ट बनाकर संख्या 141 तक पहुंचा दी। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी एयरपोर्ट को बेचा नहीं गया है। एक सवाल के जवाब में कहा कि 6 एयरपोर्ट को लीज पर दिए गए हैं। जिसके लिए केंद्रीय उड्डयन  मंत्रालय को सुरक्षा गारंटी के रूप में 2 हजार 294 करोड़ दिया गया है। लीज समाप्त होने के बाद नि:शुल्क राशि को वापस की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीते 5 साल में देश में 93 लाख यात्रियों ने हवाई सफर किया है। जिससे 1080 करोड़ रुपए किराए के रूप में मिले हैं।

उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट लीज से मिले रकम से नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि रायपुर और डोंगरगढ़ के बीच हेलीकाप्टर से दर्शन की सुविधा का प्रस्ताव मिला है। इसके लिए वह सब्सिडी राशि जमा करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखेंगे। श्री सिंधिया ने आगे कहा कि नीति आयोग, केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से आकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमें राजनांदगांव जिला भी शामिल है। इस योजना के लिए  112 जिलों का चयन किया गया है। केंद्र सरकार ने इन जिलों को 130 करोड़ रुपए दिए हैं। उन्होंने राजनांदगांव के संदर्भ में कहा कि कुपोषण को लेकर काफी कुछ करना है। यहां कुपोषित बच्चों का दर ज्यादा है। इसके लिए उन्होंने मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुझाव देते बैठक में कहा कि माता-पिता को कुपोषण के संबंध में जानकारी बच्चे के पैदा होने से पहले जानकारी दिया जाना चाहिए, ताकि परिजन कुपोषण से होने वाले हानि पर सतर्क रहें।

उन्होंने कहा कि हर योजना को एक जन आंदोलन के रूप में चलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और सरकार को लेकर पूछे गए सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया। यानी वह राजनीतिक सवालों से बचते नजर आए। पत्रकारवार्ता में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता साहू, कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा एवं अन्य उपस्थित थे।
 


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