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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 अप्रैल । प्रदेश में बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी की गई है। इस कड़ी में घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 10 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। बाकी श्रेणी के उपभोक्ताओं की दरों में 15 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई। नई दरे एक अपै्रल से प्रभावशील होंगी। सरकार की बिजली बिल हाफ योजना में नियामक आयोग ने कोई बदलाव नहीं किया।
राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन हेमंत वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई दरों का ऐलान किया है। घरेलू बिजली में प्रति यूनिट 10 पैसे की बढ़ोत्तरी की गई है। यानी सौ यूनिट खपत पर 10 रुपये बढ़ोत्तरी की गई है। एक हजार यूनिट की खपत पर सौ रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है।
घरेलू से परे अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 15 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। 220 केव्ही, 132 केव्ही के उच्च दाब स्टील उद्योगों के दरों में 5 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। एच-व्ही श्रेणी के अंतर्गत आने वाले टैक्सटाईल उद्योग के साथ पावर लूम, हैंडलूम, जूट, और इथेनॉल उद्योग के प्रभार में 25 फीसदी की छूट दिए जाने का प्रावधान है।
निम्न दाब, और उच्च दाब श्रेणियों के वर्तमान में लागू बिलिंग डिमांड को 75 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी किया गया है। आयोग में यह भी स्पष्ट किया है कि बिजली हाफ योजना, और राज्य शासन द्वारा ली जाने वाली ड्यूटी, और सेंस शामिल नहीं है। स्थिर प्रभार में कोई वृद्धि नहीं की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए जा रहे गौठानों को घरेलू उपभोक्ताओं की विद्युत प्रदाय श्रेणी में जारी रखा गया है।
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और दक्षिण आदिवासी विकास प्राधिकरण, सरगुजा और उत्तर क्षेत्र प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम और डायनोग्टिक्स सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 7 फीसदी की छूट को जारी रखा गया है।
पेट्रोल, डीजल का असर सभी पर पड़ रहा- बघेल
बिजली की नई दरों को लेकर सीएम भूपेश ने कहा कि बिजली के दाम नियामक आयोग तय करता है। डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, तो उसी समय से महंगाई बढ़ेगी, ये समझ जाना चाहिए था। डीजल की कीमतें बढऩे से ट्रांसपोर्टेशन का भाड़ा बढ़ा है । इसका सभी चीजों के दाम पर असर पड़ेगा।
कृषि-अन्य उपभोक्ता
गैस सबसिडी वाले कृषि विद्युत पंप वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार में 20 फीसदी छूट जारी रहेगी। किसानों को खेतों में लगे विद्युत पंपों, और खेतों की रखवाली के प्रयोजन के लिए पंप कनेक्शन के अंतर्गत वर्तमान में पंप के समीप 100 वाट के भार उपयोग की सुविधा प्रभावशील है। किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए आयोग द्वारा 100 वाट तक लाईट और पंखे की स्वीकृति जारी रखी है।


