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हत्या का अपराध दर्ज कर पुलिस ने शुरू की जांच
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 6 अप्रैल। पालतू बकरियों के लगातार तेज आवाज में मिमियाने पर पडोसियों ने दरवाजा खोलकर देखा तो घर के भीतर चरवाहे का शव खून से लथपथ पडा हुआ था। पुलिस ने हत्या का अपराध धारा 302 पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।
तखतपुर क्षेत्र के ग्राम धूमा के आश्रित ग्राम साल्हेडबरी का हरदेव ध्रुव (48 वर्ष) चरवाहा था। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण उसका पूरा परिवार इलाहाबाद चला गया था। हरदेव ध्रुव अपने पालतू जानवरों को चराने के लिए ग्राम देवरी के दुखूराम केंवट को अपने साथ रखा था। प्रतिदिन दोनों जंगल तरफ बकरी चराने जाते थे। 5 अप्रैल की सुबह 7 बजे गांव वालों ने हरदेव को घर के भीतर जाते देखा। दोपहर एक बजे तक वह घर में ही था। गांव में जब बकरी चराने के लिए उसे घर से निकलते हुए किसी ने नही देखा। इधर घर के अंदर से लगातार बकरियों की आवाज आ रही थी। इस पर गांव की इंदो बाई ने बाड़ी की तरफ से भीतर जाकर झांका तो चरवाहा हरदेव खून से लथपथ पडा था। शरीर से बहा खून वहां फैला हुआ था। इसकी जानकारी उसने सरपंच आशा ध्रुव को दी। उन्होंने इसकी जानकारी जूनापारा चौकी प्रभारी प्रताप ठाकुर को दी। उन्होंने तखतपुर थाना प्रभारी मोहन भारद्वाज को भी जानकारी दी। मौके पर पुलिस पहुंची तो उसने देखा कि हरदेव के साथ रहने वाला दुखुराम केंवट घर और गांव में नहीं था। पुलिस ने उसकी तलाश की पर उसके विषय में जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने आशाराम ध्रुव पति रमलिया ध्रुव की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध धारा 302 पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।


