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भूमिहीन कृषि मजदूर, तेंदूपत्ता संग्राहकों, और महिला समूहों के खाते में 11 सौ करोड़ ट्रांसफर
31-Mar-2022 7:08 PM
भूमिहीन कृषि मजदूर, तेंदूपत्ता संग्राहकों, और महिला समूहों के खाते में 11 सौ करोड़ ट्रांसफर

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में जनसामान्य को घर पहुंच स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 60 मोबाईल मेडिकल यूनिट का हरी झण्डी दिखाकर किया शुभारंभ।


निकाय पदाधिकारियों का मानदेय भी बढ़ा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 31 मार्च।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरूवार को अपने निवास में हुए एक कार्यक्रम में किसानों, पशुपालकों, महिला समूहों, तेंदूपत्ता संग्राहक और ग्रामीण भूमिहीन  कृषि मजदूर परिवारों के बैंक खाते में 1125 करोड़ रूपए ऑनलाइन ट्रांसफर किया। इस दौरान उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त के रूप में राज्य के 20.58 लाख किसानों को भी 1029.31 करोड़ रूपए का भुगतान जारी किया।

बघेल ने स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने के लिए की कई अहम घोषणाएं की।  सीएम ने नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए प्रदेश की सभी नगर पालिकाओं के लिए पांच करोड़ रुपए, नगर पंचायतों के लिए तीन करोड़ रूपए के विकास कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। इसी प्रकार प्रदेश के 14 नगर निगमों में विकास कार्य के लिए 140 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रकार कुल 579 करोड़ रु की राशि स्वीकृत की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्वशासन को सशक्त करने की अवधारणा को पूरा करने के लिए सभी नगरीय निकायों के सभी पदाधिकारियों की वर्तमान वित्तीय शक्तियों को दोगुना किया जाएगा।

इसी तरह से प्रदेश के नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की मेहनत और परिश्रम का ही नतीजा है कि छत्तीसगढ़ ने तीन बार लगातार देश के स्वच्छ्तम प्रदेश का खिताब हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के महापौरों, सभापति, नगर पालिका एवं पंचायतों के अध्यक्ष,  उपाध्यक्ष एवं सभी पार्षदों के मानदेय को दोगुना करने की घोषणा की है।  मुख्यमंत्री ने महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि की राशि को भी डेढ़ गुना करने की घोषणा की।

इस मौके पर सीएम बघेल ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर योजना ग्रामीण समाज के एक ऐसे हिस्से को आर्थिक संबल प्रदान करती है, जो कृषक-समाज का अभिन्न हिस्सा होने के बावजूद सदियों से उपेक्षित रहा है।

पहले इस योजना में भूमिहीन कृषि श्रमिक परिवारों को 6 हजार रूपए वर्षिक सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया था, लेकिन राहुल गांधी की मंशा के अनुरूप सहायता राशि को बढ़ाकर अब 7 हजार रुपए वार्षिक कर दिया गया है।

चार नए अनुभाग, और 23 तहसीलें शुरू
मुख्यमंत्री बघेल ने इस मौके पर प्रदेश में चार नये अनुभाग और 23 नई तहसीलों का शुभारंभ किया। चार नए अनुभागों में:-जगदलपुर जिले में तोकापाल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मरवाही, सूरजपुर जिले में भैयाथान, गरियाबंद जिले में मैनपुर को नया अनुविभाग बनाया गया है। इसी तरह से नई तहसीलों में बिलासपुर जिले में सीपत और बोदरी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सकोला (कोटमी), जांजगीर-चांपा जिले में अड़भार, रायगढ़ जिले में सरिया और छाल, कोरबा जिले में बरपाली, अजगरबहार और पसान, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में चांदो, रघुनाथनगर और डोरा-कोचली, सूरजपुर जिले में बिहारपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सुहेला और भटगांव, दुर्ग जिले में अहिवारा, बेमेतरा जिले में नांदघाट, कांकेर जिले में सरोना, दंतेवाड़ा जिले में बारसूर, बीजापुर जिले में कुटरू और गंगालूर, नारायणपुर जिले में छोटे डोंगर और कोहकामेटा शामिल हैं।

 


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