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प्रो. गोपाल राम पूर्व विधायक
मंत्री अमरजीत ने कहा- रुपये बंटना खुशी की बात, पर लोग ठगी का शिकार न हों
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर 31 मार्च। सरगुजा जिले के सीतापुर से विधायक रहे प्रो. गोपाल राम ने 20 हजार करोड़ रुपए बांटने की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया है। उनका कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक से उन्हें कागजात लेना अभी बाकी है। आठ-दस दिन बाद अब इस पर बात करेंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर गोपाल राम 1998 में सीतापुर से निर्दलीय विधायक थे। उन्होंने भाजपा के टिकट पर सन् 2018 में चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए थे। इन दिनों चर्चा में है क्योंकि उन्होंने अपने क्षेत्र के हर एक मतदाता को दो लाख रुपये, 16 साल से बड़े बच्चों को एक लाख रुपए और सभी छोटे बच्चों को 50 हजार रुपये देने का वादा किया है। उन्होंने अपनी इस योजना का पंपलेट भी छपवा कर बांटा है। वे गांव-गांव में घूमकर लोगों से उनके खाते के बारे में जानकारी भी जुटा रहे हैं। वे इसके लिए लोगों से फार्म भी भरवा रहे हैं। अब तक करीब 2000 से ज्यादा लोगों ने उनके पास आवेदन भी जमा कर दिया है। आवेदन के साथ आधार कार्ड और राशन कार्ड की फोटो कॉपी भी जमा करने कहा गया है। उन्होंने दो अप्रैल से रुपये बांटने की बात कही थी।
दो दिन पहले प्रो. गोपाल राम ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया था कि उनके पास 20 हजार करोड़ रुपये भारतीय रिजर्व बैंक से आए हैं। यह राशि उनके आरपी गु्रप से हुए फायदे की है। यह गु्रप डीआरडीओ (डिफेंस, रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन) के लिये काम करता है, जिसके वे सदस्य हैं। प्रो. गोपाल राम का कहना था कि बहुत से लोगों का कोरोना वायरस के कारण रोजगार चला गया। बहुत से परिवार के मुखिया की मौत हो गई और इसे देखते हुए वह अपने पास आए रुपयों को गरीबों में बांट कर उनका कुछ भला करना चाहते हैं।
प्रो. गोपाल राम के दावे पर लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है। बहुत से जनप्रतिनिधियों ने बयान दिया है कि यहां धोखाधड़ी हो रही है। मुफ्त में कोई पैसे नहीं बांटता। प्रो. गोपाल राम का ऐसा क्या काम है जिससे उन्हें आरबीआई 20 हजार करोड़ दे देगा, यह सवाल भी किया जा रहा है। प्रो. गोपाल राम भोले-भाले आदिवासियों के बीच कैंप लगाकर खुद ही उन्हें रुपये देने की बात कर रहे हैं जो अविश्वसनीय है।
मामले को तूल पकड़ता देख अब प्रो. राम अपने दावे से पीछे हटते दिखाई दे रहे हैं। उनसे जब पूछा गया कि ये रुपए कहां से आपके पास आ गए? तब उन्होंने कहा कि अभी इस विषय पर चर्चा मत करिये। बहुत ज्यादा शोर हो गया है। वे अब भारतीय रिजर्व बैंक से कुछ कागज निकलवा लेते हैं, फिर सारी बात सामने आएगी। इसमें आठ-दस दिन लग सकते हैं।
सीतापुर क्षेत्र के विधायक व प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से इस बारे में प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि हमारे क्षेत्र की जनता को बांटने के लिए इतनी बड़ी रकम दी जा रही है। हमें उसमें से कुछ नहीं चाहिये बस जनता में बांट दिया जाए। सरकार से हमें जो सुविधा मिली है, काफी है। पर हम क्षेत्र की जनता को सावधान जरूर करना चाहेंगे कि कि वे कहीं धोखाधड़ी के शिकार न हों। ठगी से बचकर रहें।


