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मोहर सिंह मीणा
राजस्थान के दौसा ज़िले के लालसोट में मंगलवार को एक महिला डॉक्टर की आत्महत्या के बाद पूरे राज्य के डॉक्टरों में रोष है. बुधवार को जयपुर के स्टेच्यू सर्किल पर बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने इस मामले पर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.
डॉक्टरों ने राज्यभर के निजी अस्पतालों में 24 घंटे का कार्य बहिष्कार किया है. राज्य के सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने भी बुधवार सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कार्य बहिष्कार किया.
मृतक डॉक्टर अर्चना शर्मा का लालसोट में एक निजी अस्पताल है. जहाँ सोमवार को डिलीवरी के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजनों ने हंगामा किया और डॉक्टर अर्चना के खिलाफ़ थाने में हत्या का मामला दर्ज करवाया.
बताया जा रहा है कि मामला दर्ज होने के बाद से ही महिला डॉक्टर तनाव में थीं और मंगलवार सुबह क़रीब 11 बजे उनका शव बरामद हुआ. मृतका डॉक्टर का एक कथित सुसाइड नोट भी सामने आया है.
डॉक्टर अर्चना शर्मा के पति डॉक्टर सुनीत उपाध्याय भी डॉक्टर हैं. पति पत्नी मिलकर लालसोट में मिलकर अपना अस्पताल चला रहे थे. डॉक्टर उपाध्याय ने भी लालसोट थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई है, जिसके मुताबिक अस्पताल में एक महिला मरीज की मौत पर कुछ लोगों ने अस्पताल का घेराव किया और हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने की घिनौनी राजनीति की.
राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा के विधानसभा क्षेत्र लालसोट में ही यह घटना हुई है. इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट किया है.
उन्होंने लिखा है, "दौसा में डॉ अर्चना शर्मा की आत्महत्या की घटना बेहद दुखद है. हर डॉक्टर मरीज की जान बचाने के लिए अपना पूरा प्रयास करता है परन्तु कोई भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना होते ही डॉक्टर पर आरोप लगाना न्यायोचित नहीं है. अगर इस तरह डॉक्टरों को डराया जाएगा तो वे निश्चिन्त होकर अपना काम कैसे कर पाएंगे. इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है एवं दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा." (bbc.com)


