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2011 के जनगणना के अधिकतर निवासी आबादी पट्टे के लिए पात्र
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 मार्च। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा नवा रायपुर प्रभावित ग्रामों में किए जा रहे सर्वे का प्रथम प्रकाशन किया है, जिस पर प्रभावित ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाया गया है कि अधिकतर ग्रामीणों को अपात्र सूची में रखा गया है। साथ ही अपात्र किये जाने का मापदण्ड का आधार नहीं दिया गया है।
एनआरडीए के अफसरों ने इस बात से इंकार किया कि अधिकतर ग्रामीणों को अपात्र सूची में रखा गया है तथा सर्वे सूची अनुसार खाली भूमि, खण्डहर, अस्थायी घेरा, तारघेरा, कोई निवासरत नहीं, निजी भूमि (सार्वजनिक संपत्ति या भवन) है के आधार पर ही अपात्रता का निर्धारण किया गया है। सर्वे सूची का प्रथम प्रकाशन दावा आपत्ति आमंत्रित किए जाने हेतु किया गया है।
उन्होंने कहा कि 2011 के जनगणना के अधिकतर निवासियों को आबादी पट्टा या आवसीय भू-खण्ड की पात्रता में रखा गया है। एक ही परिवार में पूर्व से आबादी पट्टा प्राप्त है, तो पत्नि या परिवार के अन्य सदस्य को पट्टा (आबादी पट्टा)प्राप्त माना गया है। 29 मार्च 2022 तक ग्राम खपरी, कायाबांधा, झांझ, छतौना, रीको, सेन्ध, चीचा एवं कोटराभाठा कुल 8 ग्रामों के सर्वे सूची का प्रकाशन किया गया है।
उक्त सर्वे सूची के आधार पर दावा आपत्ति तथ्यात्मक जानकारी के साथ निर्धारित तिथि तक कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते है। प्राप्त दावा आपत्ति का निर्धारित अवधि में निराकरण किया जाकर आवेदक को अवगत कराते हुए कार्रवाई की जाएगी।


