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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 23 मार्च। 4 करोड़ रुपये के कोयले की हेराफेरी करने के आरोपी सरगना दीपक सिंह को पुलिस ने बलिया यूपी से गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य दो आरोपियों को पहले ही पकड़ा जा चुका है।
यदुनंदन नगर निवासी ट्रांसपोर्टर केपी पयासी को रानी अटारी खदान से रुंगटा माइन्स लिमिटेड उड़ीसा और चाईबासा झारखंड में कोयला पहुंचाने का ठेका मिला। इसके तहत 38 हजार टन कोयले की ट्रांसपोर्टिंग 45 दिन के भीतर किया जाना था। काम शुरू होने के बाद ट्रांसपोर्टर केपी पयासी के पास फंड की कमी पड़ गई। उन्होंने अपने परिचित बृजेश सिंह से संपर्क किया। बृजेश सिंह ने एक करोड़ के लगाने का वादा किया। बृजेश सिंह ने पयासी को दीपक सिंह और राजू सिंह से भी मुलाकात कराई और सभी ने साथ में काम करने की इच्छा जताई। इसके बाद लोखंडी स्थित दीपक सिंह के स्नेहा पोल डिपो में बृजेश सिंह दीपक सिंह, राजू सिंह और एक अन्य शामिल हुए पार्टनर मुरारी सोनी की बैठक हुई। दोनों पक्षों के बीच प्रति टन 1800 रुपये के हिसाब से ट्रांसपोर्टिंग की बात हुई। 20 सितंबर 2021 से ट्रांसपोर्टिंग शुरू हुई। रुंगटा की फर्म ने करीब एक करोड़ रुपये का कोयला मिल जाने के बाद ट्रांसपोर्ट होने के पयासी के खाते में 35 लाख रुपए डाले। इस बीच ट्रांसपोर्टर पयासी के पास रुंगटा की कंपनी से फोन आया कि उन्हें कोयला नहीं भेजा जा रहा है, जबकि खदान से कोयला लोड किया गया है। तब पयासी ने दीपक सिंह, राजू सिंह और मुरारी सोनी से संपर्क किया। उन्होंने बहाना किया कि रानी अटारी खदान से निकले कोयले को रायगढ़ सीमा से निकालने में दिक्कत जा रही है और ट्रकें वहीं खड़ी हैं। जबकि तीनों ने मिलकर कोयले की अफरा-तफरी शुरू कर दी थी। कोयला निकलने के बाद वे रुंगटा की कंपनी को न भेजकर लोखंडी स्थित स्नेहा कोल डिपो में डंप कराने लगे थे। वहां से निकाला गया 5 हजार टन कोयला दूसरों को बेच दिया।
सकरी पुलिस ने पयासी की शिकायत पर तीनों के खिलाफ धारा 120 बी, 420, 409 और 407 के तहत अपराध दर्ज किया था। सभी की तलाश की जा रही थी, पर वे फरार चल रहे थे। मुरारी सोनी और राजू सिंह को पिछले शनिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। दीपक सिंह जिसे मुख्य आरोपी बताया गया है, उसे बलिया यूपी से सोमवार को गिरफ्तार किया गया।


