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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 21 मार्च। रेल यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए बुरी खबर है। कोरोना काल में बंद की गई रियायत को फिर से शुरू नहीं करने का निर्णय मंत्रालय ने लिया है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा में बताया कि सीनियर सिटीजन को टिकट पर दी जाने वाली रियायत पर फिलहाल पाबंदी लगी रहेगी। यानी बुजुर्ग यात्रियों को भी टिकट की पूरी राशि देनी पड़ेगी। हालांकि कुछ विशेष श्रेणी के यात्रियों को ट्रेनों में रियायत दी जा रही है। इनमें चार श्रेणियों के दिव्यांग और 11 गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज तथा विशेष अवसरों पर छात्रों को दी जाने वाली छूट शामिल है।
ज्ञात हो कि कोरोना काल से पहले 58 साल से अधिक उम्र की महिला और 60 साल से अधिक उम्र के पुरुष यात्रियों को क्रमशः 50 और 40 प्रतिशत किराये में छूट दी जाती थी। रेल मंत्री ने कहा कि वरिष्ठ यात्रियों को किराए पर दी जाने वाली छूट से भारतीय रेल पर काफी बोझ पड़ता है। रेलवे पर इस रियायत के कारण 1600 करोड़ रुपए का बोझ पड़ता था, जो किराए की कुल राशि का 80 प्रतिशत है। इसलिए फैसला लिया गया है कि फिलहाल बुजुर्गों को रेल किराए में मिलने वाली छूट पर पाबंदी जारी रहेगी और उन्हें बाकी यात्रियों की तरह ही उनको पूरा किराया देना पड़ेगा।


