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रूस की बमबारी से मदद की रफ्तार पड़ रही है धीमी- यूनिसेफ़
20-Mar-2022 7:43 PM
रूस की बमबारी से मदद की रफ्तार पड़ रही है धीमी- यूनिसेफ़

 

यूनिसेफ़ में काम करने वाले एक कार्यकर्ता ने बीबीसी को बताया है कि रूसी सेना से घिरे यूक्रेनी शहर मारियुपोल के लोगों के लिए मानवीय मदद की बेहद जरूरत है. लेकिन रूसी सेना की लगातार बमबारी ने इस काम को जारी रखना लगभग असंभव कर दिया है.

यूनिसेफ़ में काम करने वाले जो इंग्लिश ने लवीव से बीबीसी ब्रेकफास्ट कार्यक्रम में जानकारी देते हुए कहा, "यहां जो हालात हैं उन्हें शब्दों में बयान करना मुश्किल है."

लोगों की मदद करने के क्रम में कई सहायताकर्मियों के सामने खतरे की स्थिति पैदा हो रही है. जो ने कहा, "मानवीय कॉरिडोर के मामले में तो सैद्धांतिक सहमति है लेकिन ज़मीनी हालात काफी अलग हैं."

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मानवीय सहायता के लिए पहुंचे समूहों को प्रभावी तरीके से काम करने दिया जाए.

उन्होंने कहा, "ये सिर्फ इन इलाकों से लोगों को निकालने का ही मामला नहीं है. हमारे लिए यह भी जरूरी है कि इन लोगों तक जरूरी चीजों की सप्लाई पहुंचाई जाए क्योंकि हर कोई यहां से बाहर निकलने में सक्षम नहीं है."

जो इंग्लिश ने पूरे देश में बच्चों के सामने खड़ी दिक्कतों के बारे भी बताया. उन्होंने कहा, "कल मैं एक बच्चे डेनिलो से मिला. उसे टी-सेल ल्यूकेमिया है. इस बच्चे को मेडिकल सपोर्ट की ज़रूरत है लेकिन यह मदद उसे यहां नहीं मिल सकती."

उन्होंने कहा, "हम हर दिन इस तरह के मामलों के बारे में सुन रहे हैं. एक दिन पहले 15 साल के एंद्री की मौत एक बारुंदी सुरंग विस्फोट में हो गई. उसकी मां की भी मौत हो गई."

इससे पहले दस सप्ताह की बच्ची अन्ना की मां को उसे कीएव के एक मेटरनिटी अस्पताल में छोड़ने का असंभव-सा लगने वाला फ़ैसला करना पड़ा. अन्ना को इंटेंसिव मेडिकल सपोर्ट की जरूरत पड़ेगी. उसकी मां को नहीं लगता है वह उसकी मदद कर सकेगी."

जो ने युद्ध की वजह से बच्चों के सामने पैदा संकट के बारे में कहा, "देश के अंदर बच्चों के सामने संकट पैदा हो गया है. देश से भाग कर सीमा पार जा रहे बच्चों के सामने भी गंभीर संकट है." (bbc.com)


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