ताजा खबर
देहरादून, 28 फरवरी | यदि जंगल में कहीं आग लगी है तो आप सोशल मीडिया के माध्यम से वन विभाग को इसकी सूचना दे सकते हैं। यह तत्काल ही संबंधित क्षेत्र के वनकर्मियों तक पहुंचेगी और फिर वे आग बुझाने में जुटेंगे। ऐसा कर आप वन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए आपको फेसबुक, इंस्टाग्राम व ट्विटर जैसे प्लेटफार्म पर विभाग के आधिकारिक पेज पर नजर रखनी है, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाना है। दरअसल, वन विभाग ने इस बार वनों को आग से बचाने के लिए इंटरनेट मीडिया की भरपूर मदद लेने की ठानी है। इससे मिली सूचना पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी विभाग साझा करेगा। उत्तराखंड में हर साल ही जंगल की आग से वन संपदा को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचता है। बीते 11 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि प्रति वर्ष औसतन 1978 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए वन विभाग ने इस बार सूचना तंत्र पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है, ताकि तत्काल सूचना मिलते ही जंगल में आग बुझाने के लिए कार्रवाई शुरू की जा सके। इस कड़ी में प्रदेशभर में 41 कंट्रोल रूम तो बनाए ही गए हैं, पंचायत प्रतिनिधियों व वन पंचायतों के सदस्यों के संपर्क में भी वन विभाग है।
इसके साथ ही वन बचाने में जनसहयोग के मद्देनजर सोशल मीडिया की बड़ी पहुंच का लाभ भी विभाग इस बार उठाने जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक (वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन) निशांत वर्मा के अनुसार विभाग ने फेसबुक, इंस्टाग्राम व ट्विटर पर आधिकारिक पेज बनाए हैं। इनके माध्यम से वनों को आग से बचाने के लिए जनजागरण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी साझा की जा रही है। इंटरनेट मीडिया के इन प्लेटफार्म पर जंगल की आग से संबंधित सूचनाएं देने का विकल्प भी रखा गया है। इसके साथ ही आने वाले दिनों में भारतीय वन सर्वेक्षण से प्राप्त प्री-फायर अलर्ट की जानकारी भी साझा की जाएगी। उन्होंने बताया कि जनता से वन बचाने में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया जा रहा है। (आईएएनएस)


