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ऋषभ मणि त्रिपाठी
लखनऊ. राजधानी के पुलिस मुख्यालय में तैनात महिला सिपाही रुचि सिंह की हत्या के आरोप में प्रतापगढ़ की रानीगंज तहसील में तैनात तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ,पत्नी प्रगति और दोस्त नामवर को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया. बिजनौर निवासी महिला सिपाही रुचि का शव गुरुवार को लखनऊ के पीजीआई इलाके के माती में पड़ा मिला था. मृतका के भाई की तहरीर पर पीजीआई थाने में हत्या का केस दर्ज हुआ था.
पुलिस के मुताबिक महिला सिपाही रुचि से तहसीलदार पद्मेश का प्रेम प्रसंग चल रहा था. रुचि जब पद्मेश पर शादी का दबाव बनाने लगी तो उससे पीछा छुड़ाने के लिए हत्या की साजिश रची गई. डीसीपी पूर्वी अमित आनंद ने बताया कि जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि रुचि और पद्मेश की दोस्ती करीब पांच साल पहले फेसबुक के जरिए हुई थी. धीरे-धीरे दोनों करीब आ गए. इस बीच रुचि ने पति को तलाक देकर पद्मेश पर शादी का दबाव बनाने लगी. पीछा छुड़ाने के लिए पद्मेश ने हत्या की साजिश रची. उसने 12 फ़रवरी को रुचि को फोनकर मिलने के लिए बालाया. पद्मेश और उसके दोस्त नामवर ने खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे खिला दिया. इसके बाद बेहोशी की हालत में उसकी गाला दबाकर हत्या कर दी. इसके बाद शव को पीजीआई के माती इलाके में फेंककर फरार हो गए.
दहेज उत्पीड़न का केस कर लिया था तलाक
पुलिस के मुताबिक 2019 में रुचि की शादी सिपाही नीरज से हुई थी. इसी साल वह बतौर सिपाही पुलिस में भर्ती हुई. लेकिन शादी पहले रुचि और पद्मेश का अफेयर चल रहा था. नौकरी मिलने के बाद रुचि ने पति नीरज पर दहेज़ उत्पीड़न का केस दर्ज करवाया। इसके बाद पद्मेश के कहने पर उसने तलाक का केस फाइल किया और कुछ महीनों बाद दोनों का तलाक हो गया. इसके बाद रुचि पद्मेश पर शादी का दबाव बनाने लगी. तब पद्मेश ने उसे बताया कि वह शादीशुदा है. इसके बाद दोनों में विवाद शुरू हो गया था. इस बीच पद्मेश ने यह बात पत्नी प्रगति को बता दी. फिर दोनों के बीच भी अक्सर विवाद होने लगा, पत्नी प्रगति और रुचि की मोबाइल पर कहासुनी भी हुई. इसके बाद ही पद्मेश ने हत्या की साजिश रच डाली.


