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खल्लारी में महात्मा देवपाल मोची पर संगोष्ठी, सम्मान भी
18-Jan-2026 10:03 PM
खल्लारी में महात्मा देवपाल मोची पर संगोष्ठी, सम्मान भी

खल्लारी, 18 जनवरी। शिरोमणी गुरु रविदास विश्व महापीठ के तत्वावधान में महात्मा देवपाल मोची के पुण्य स्मरण में खल्लारी में भव्य सामाजिक समरसता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने खल्लारी की ऐतिहासिक विरासत और सामाजिक समरसता की परंपरा पर प्रकाश डाला।

रिटायर्ड प्रोफेसर घनाराम साहू ने बताया कि खल्लारी का प्राचीन नाम खालवाटिका था, जो चर्मशिल्प कला के लिए प्रसिद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि खल्लारी स्थित जगन्नाथ मंदिर का निर्माण वर्ष 1413 ईस्वी में महात्मा देवपाल मोची ने कराया था। मंदिर का शिलालेख वर्तमान में रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय में सुरक्षित है।

चर्मशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा ने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने पर जोर दिया और इसे राष्ट्रीय दिवस घोषित करने की मांग रखी। वक्ता बुद्धेश्वर ने कहा कि जातिवादी सोच के कारण समरसता प्रभावित हुई है, जिसे दूर करने की आवश्यकता है।

मुख्य अतिथि पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू ने कहा कि खल्लारी का इतिहास सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है और महात्मा देवपाल मोची द्वारा निर्मित मंदिर इसका प्रतीक है।

कार्यक्रम में  देवपाल वंशज  नकुल राम मेहरा कैलाश शंकर बेदनाथ का मुख्य अतिथि द्वारा सम्मान किया गया।

इस अवसर पर गुरु रविदास महासभा के पदाधिकारी एवम् आयोजक समिती से  बुद्धेश्वर सोनावानी प्रदेश अध्यक्ष, खिलावन मेहरा प्रदेश उपाध्यक्ष, राजु लाल मिर्धा प्रदेश सचिव, बैदराज महामंत्री पुष्पेन्द्र कुमार साहू  तोरण ध्रीतलाहरे , दुवारू मिरी ढालू राम रत्ते गोवर्धन चिंटू अजगलें परमानन्द कंदोई विद्याधर बांधे देव लाल मिर्धा रवि अजागले बालाराम घनश्याम मेहरा मोहन मिरी प्रेम लाल युगर खिरचंद बारी सफेद मिर्धा नारायण कोसरिया चैत राम मिरी दशरथ अजगाले मुकेश रोटियां चंद्रशेखर खरे , मीना डहरिया , बंसी राम डहरिया , हेमलता मिरि ,जगन्नाथ , अजय इशू रौतिया , खीरचंद , महेंद्र , आदि दूरस्थ अंचल से बड़ी संख्या में उपस्थित रहें।


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