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पंजाब विधानसभा की 117 सीटों और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में आज यानी रविवार को 59 सीटों पर मतदान शुरू हो गया है.
पंजाब में अभी कांग्रेस सत्ता में है और इस बार के चुनाव को बहुकोणीय बताया जा रहा है. पंजाब में मुख्य पार्टियां हैं- कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल-बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के अलावा भारतीय जनता पार्टी, पंजाब लोक कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त). इसके साथ ही संयुक्त समाज मोर्चा भी है, जो अलग-अलग किसान यूनियनों से मिलकर बना है.
पंजाब में मतदान का समय सवेरे 8 बजे से शाम के 6 बजे तक का है. वहीं उत्तर प्रदेश में सवेरे 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे.
पंजाब में दो करोड़ मतदाता न केवल 1,304 उम्मीदवारों की किस्मत का फ़ैसला करेंगे बल्कि चुनावी नतीजे से कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं का भविष्य भी जुड़ा है.
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और प्रकाश सिंह बादल, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और आप के मुख्यमंत्री उम्मीदवार भगवंत मान शामिल हैं.
इस चुनाव में विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस को कई मुद्दों पर घेरा है, जिनमें ड्रग्स और भ्रष्टाचार भी शामिल हैं.
लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने 111 दिनों के कार्यकाल में बिजली दर कम करने और तेल की क़ीमतों में कटौती के अहम फ़ैसले लिए थे. कैप्टन अमरिंदर सिंह को गांधी परिवार का पुराना वफ़ादार माना जाता था लेकिन उन्हें चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा और बाद में उन्होंने पार्टी भी छोड़ दी.
चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री हैं. चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और रेत खनन मामले में गिरफ़्तार किया है. इस वजह से चन्नी भी निशाने पर रहे हैं. हालाँकि चन्नी ने कहा था कि क़ानून अपना काम करे और उन्हें कोई दिक़्क़त नहीं है.
आम आदमी पार्टी इस बार पंजाब में अहम खिलाड़ी बनकर उभरी है. आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पंजाब में दिल्ली के आपने शासन की तारीफ़ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि पंजाब में उनकी पार्टी जीती तो दिल्ली में जिन नीतियों को लागू किया है, उन्हें पंजाब में भी किया जाएगा.
पंजाब
इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल का भी सब कुछ दांव पर लगा हुआ है. शिरोमणि अकाली दल ने बहुजन समाज पार्टी से गठबंधन किया है. 2020 में तीन विवादित कृषि क़ानूनों को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ लिया था.
शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में बीजेपी जूनियर पार्टी हुआ करती थी लेकिन इस बार पार्टी कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब लोक कांग्रेस और सुखदेव सिंह ढिंढसा के नेतृत्व वाला शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के साथ बड़े पार्टनर के तौर पर पंजाब चुनाव में है.
तीन पार्टियों का यह गठबंधन पंजाब के लोगों से अपील कर रहा है कि डबल इंजन की सरकार बनाएं. यानी केंद्र में बीजेपी की है और राज्य में भी रहेगी तो विकास के काम तेज़ी से होंगे.
पंजाब विधानसभा 2017 के चुनाव में कांग्रेस को 77 सीटों पर जीत मिली थी. मुख्य विपक्षी के रूप में 20 सीटें जीतकर आम आदमी पार्टी उभरी थी और एसएडी-बीजेपी गठबंधन को महज़ 18 सीटों पर जीत मिली थी. बाक़ी बची दो सीटों पर लोक इंसाफ़ पार्टी को जीत मिली थी.
पंजाब चुनाव में सभी बड़ी पार्टियों ने जीत के बाद कुछ न कुछ मुफ़्त में देने की घोषणा की है. आम आदमी पार्टी ने पंजाब में सभी महिलाओं को हर महीने एक-एक हज़ार रुपए जबकि कांग्रेस ज़रूरतमंद महिलाओं को हर महीने 1100 रुपए देने की घोषणा की है.
दूसरी तरफ़ शिरोमणि अकाली दल और बीएसपी गठबंधन ने पंजाब में हर बीपीएल परिवार की महिला प्रमुख को प्रति महीने दो हज़ार रुपए देने की घोषणा की है. इसके अलावा कांग्रेस और एसएडी-बीएसपी गठबंधन ने एक लाख सरकारी नौकरी की भी घोषणा की है.
एसएडी-बीएसपी गठबंधन ने राज्य के युवाओं के लिए सरकारी और निजी नौकरियों में 75 फ़ीसदी आरक्षण की घोषणा की है. बीजेपी के अगुआई वाले गठबंधन ने भी इसी तरह सरकारी नौकरी में राज्य के लोगों के लिए 75 फ़ीसदी आरक्षण की घोषणा की है. आम आदमी पार्टी ने 300 यूनिट मुफ़्त बिजली देने का वादा किया है तो एसएडी-बीएसपी गठबंधन ने 400 यूनिट बिजली मुफ़्त देने की घोषणा की है.
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान है और तीसरे चरण का मतदान आज हो रहा है. तीसरे चरण में कुल 627 उम्मीदवार हैं जिनकी किस्मत का फ़ैसला दो करोड़ मतदाता करेंगे.
जिन ज़िलों में आज मतदान हो रहा है, वे हैं- हाथरस, फ़िरोज़ाबाद, एटा, कासगंज, फ़रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा.
करहल विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव हैं और यहाँ भी आज ही मतदान है. अखिलेश यादव के ख़िलाफ़ बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल का उतारा है. इसके अलावा शिवापल सिंह यादव जसवंतनगर सीट से हैं और यहाँ भी आज ही मतदान हो रहा है.
तीसरे चरण में कुल 59 सीटों पर मतदान है. बीजेपी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में इन 59 में से 49 सीटों पर जीत दर्ज की थी और एसपी के खाते में महज़ 9 सीटें आई थीं. कांग्रेस को एक सीट मिली थी और बीएसपी को एक भी नहीं. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की जीत ही 2024 में आम चुनाव की राह तय करेगा.
मतगणना 10 मार्च को है. (bbc.com)


