कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 27 अप्रैल। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव खिलावन राम रिगरी की अध्यक्षता में 9 मई को प्रस्तावित नेशनल लोक अदालत की तैयारी को लेकर जिले के समस्त थाना प्रभारियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चन्द्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय सहित सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक में आगामी नेशनल लोक अदालत के आयोजन, लंबित मामलों के निस्तारण तथा न्यायपालिका और पुलिस विभाग के बीच समन्वय से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
अध्यक्षता कर रहे न्यायाधीश ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके माध्यम से प्रकरणों का त्वरित एवं आपसी सहमति से निराकरण किया जाता है, जिससे न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम होती है और नागरिकों को शीघ्र राहत मिलती है।
उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसे प्रकरणों की सूची तैयार करें, जिनका निराकरण लोक अदालत के माध्यम से संभव है। साथ ही पुलिस विभाग की सहभागिता से अधिक मामलों के समाधान पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि आबकारी प्रकरण, ट्रैफिक चालान, राजीनामा योग्य अपराध और प्री-लिटिगेशन मामलों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए।


