कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 11 जून। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने बस्तर संभाग में साल, आम, सेमल जैसी बेशकीमती कीमती लकडिय़ों की अवैध कटाई पर रोक लगाने राष्ट्रपति, राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने इसे लेकर हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में न्यायिक जांच समिति गठित करने की मांग की है।
संभागीय संयोजक बस्तर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया तिलक पांडे का आरोप है, कि बस्तर का जंगल उजड़ रहा और प्रशासन खामोश है। कोंडागांव सहित पूरे संभाग में लकड़ी माफिया खुलेआम फलदार और इमारती पेड़ों को काट रहे हैं। कटी लकड़ी की तस्करी दिनदहाड़े हो रही है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि यह सब शासन-प्रशासन की मिलीभगत या मौन सहमति के बिना संभव नहीं। जंगल कटने से बस्तर का पर्यावरणीय संतुलन चरमरा गया है। जैव-विविधता खत्म हो रही है,जल संकट गहरा रहा है। सबसे बड़ी मार आदिवासी समुदायों की आजीविका पर पड़ रही है।
कोंडागांव की ताजा घटना का उन्होंने ज्ञापन में जिक्र है। कुछ पत्रकारों ने लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़ किया। खबर में एक भाजपा नेत्री का नाम सामने आते ही खेल पलट गया। माफिया पर कार्रवाई के बजाय प्रशासन ने खबर छापने वाले मीडिया कर्मियों को ही निशाने पर ले लिया। पत्रकार को सीधे कलेक्टर कार्यालय से उठाकर उस पर केस दर्ज कर दिया गया। सीपीआई ने कहा कि यह साबित करता है कि तस्करी के तार प्रशासन, वन विभाग और सत्ता के गलियारों से जुड़े हैं।
सीपीआई की मांग है रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच समिति बने, जो 3 माह में रिपोर्ट दे। जांच तक सभी संदिग्ध अफसरों, नेताओं और माफिया पर एफ आई आर कर उन्हें निलंबित किया जाए।जब्त लकड़ी का हिसाब हो और तस्करी के रास्ते सील किए जाएं।उजड़े जंगलों में तत्काल वन रोपण शुरू हो। पत्रकारों पर बदले की कार्रवाई वापस हो और उन्हें सुरक्षा मिले। दोषी चाहे किसी भी पद पर हो,सख्त सजा मिले।
इस दौरान तिलक पांडे संभागीय संयोजक बस्तर , शैलेश जिला सचिव कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, दिनेश कुमार, रामचंद्र मरकाम ,सोमारु गावड़े आदि मौजूद रहे।


