कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 25 अप्रैल। महिला आरक्षण बिल को लेकर कोण्डागांव जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने अलग-अलग प्रेसवार्ता कर एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगाए और अपने-अपने पक्ष रखे। आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
भाजपा की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेंडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस कानून के क्रियान्वयन में बाधा डालने की कोशिश कर रहा है और नकारात्मक राजनीति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू होने से महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि होगी। साथ ही भाजपा द्वारा इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाने और 30 अप्रैल तक विभिन्न स्थानीय निकायों में कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को भेजने की बात कही। प्रेसवार्ता में पार्टी के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इधर, कांग्रेस ने भी प्रेसवार्ता कर भाजपा पर दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाया। पीसीसी से नियुक्त प्रभारी डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) पहले ही संसद से पारित होकर कानून बन चुका है, लेकिन भाजपा इसे लागू नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाकर परिसीमन से जुड़े अपने राजनीतिक उद्देश्यों को साधना चाहती है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब बिल कानून बन चुका है तो इसे तत्काल लागू क्यों नहीं किया जा रहा और परिसीमन का इंतजार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही महिला आरक्षण की पक्षधर रही है और पंचायतों व स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।


