कोण्डागांव

नक्सल मुक्त बदलते बस्तर में विकास की नई तस्वीर
19-Apr-2026 10:02 PM
नक्सल मुक्त बदलते बस्तर में विकास की नई तस्वीर

पुसपाल वैली में इको-पर्यटन के लिए 3.16 करोड़ के कार्यों का शुभारंभ

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 19 अप्रैल। कभी नक्सल प्रभाव के कारण जहां शाम ढलते ही आवाजाही मुश्किल हो जाती थी, वही क्षेत्र अब विकास और पर्यटन की नई पहचान बना रहा है। कोण्डागांव वन मंडल अंतर्गत पुसपाल वैली में शनिवार को इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए लगभग 3 करोड़ 16 लाख रुपए के विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने शामिल होकर विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।

पुसपाल, जो लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा, अब सरकार के प्रयासों से मुख्यधारा में जुड़ता नजर आ रहा है। यहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यावरण एवं वानिकी मद से करीब 1 करोड़ 45 लाख 96 हजार रुपए की लागत से रिसॉर्ट निर्माण तथा चक्रिय निधि से 1 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से नदी तट पर ओपन रेस्टोरेंट सहित अन्य कार्यों की शुरुआत की गई।

इस अवसर पर मंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर अब तेजी से बदल रहा है और पुसपाल वैली को इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित कर स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यहां एटीवी राइड, एडवेंचर गतिविधियां, नदी आधारित पर्यटन और इको-कॉटेज जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे देश-विदेश के पर्यटक आकर्षित होंगे।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि कुछ महीने पहले तक जहां शाम 4 बजे के बाद जाना भी जोखिम भरा माना जाता था, वहीं अब उसी स्थान पर शाम 7 बजे तक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा और विश्वास का संकेत है।

 हालांकि, कार्यक्रम के दौरान अचानक हुई तेज बारिश के कारण उत्साह थोड़ा फीका पड़ा, लेकिन लोगों की मौजूदगी और सहभागिता ने विकास की इस पहल को खास बना दिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि इको-टूरिज्म के विकास से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति को भी नई पहचान मिलेगी।


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