कोण्डागांव

नेवता-जूनापानी सडक़ निर्माण में बड़ा खेल! बिना अनुमति 50 से अधिक पेड़ काटे
19-Feb-2026 10:00 PM
नेवता-जूनापानी सडक़ निर्माण में बड़ा खेल! बिना अनुमति 50 से अधिक पेड़ काटे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोण्डागांव, 19 फरवरी। जिले में ग्राम नेवता से जूनापानी तक करीब साढ़े चार किमी लंबी सडक़ निर्माण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य की शुरुआत 15 जुलाई 2025 को हुई थी और दिसंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन फरवरी 2026 तक भी सडक़ अधूरी है। इस बीच ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण के नाम पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए 50 से अधिक पेड़ों की कटाई कर दी गई और कई पेड़ों को जला भी दिया गया।

मामले में मुलमुला वन परिक्षेत्र के परिक्षेत्र अधिकारी धीरेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि, सडक़ निर्माण के लिए वन विभाग से कोई फॉरेस्ट क्लीयरेंस या अनुमति नहीं ली गई थी और पेड़ों की कटाई भी बिना स्वीकृति के की गई। कटे पेड़ों की लकड़ी डिपो में जमा कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

वहीं विभागीय समन्वय पर सवाल तब और गहरे हो गए जब प्रमोद नेताम ने बताया कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण अब निर्माण कार्य रोक दिया गया है, जबकि काम पहले ही शुरू हो चुका था।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण बंद होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा फॉरेस्ट क्षेत्र के आसपास मिट्टी और मुरूम की खुदाई जारी है। दूसरी ओर खनिज विभाग के सहायक खनिज अधिकारी गौतम नेताम ने संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए फील्ड निरीक्षण नहीं हो पाने और मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही।

पूरे मामले में ठेकेदार की लापरवाही और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी उजागर होने से प्रशासनिक भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार अब जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है, जिसमें अवैध पेड़ कटाई और खुदाई पर एफआईआर, पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, विभागीय जांच और परियोजना की तकनीकी समीक्षा जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में बिना अनुमति ऐसे कार्य दोबारा न हों और पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके।


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