कोण्डागांव
बिंजोली डोंगरीगुड़ा के विद्यार्थियों ने समुद्र की लहरों के बीच जाना नौसेना का शौर्य
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 19 फरवरी। जिले के विकासखंड माकड़ी अंतर्गत शासकीय उच्च प्राथमिक शाला बिंजोली, डोंगरीगुड़ा के विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक दुनिया से जोडऩे के उद्देश्य से आंध्रप्रदेश के तटीय शहर विशाखापत्तनम का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह यात्रा बच्चों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि जीवन भर के लिए यादगार अनुभव भी बनी।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय नौसेना के इतिहास को करीब से समझा और आईएनएस कुरुसुरा पनडुब्बी संग्रहालय का अवलोकन किया। यहाँ उन्होंने समुद्र की गहराइयों में देश की रक्षा करने वाली पनडुब्बियों की कार्यप्रणाली तथा भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही बच्चों ने विशाखा संग्रहालय में स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया। प्राकृतिक परिवेश से जुड़ाव के लिए विद्यार्थियों ने ऋषिकोंडा बीच और आरके बीच पर समुद्री पर्यावरण तथा तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जानकारी प्राप्त की। वहीं कैलाशगिरी की पहाडिय़ों से शहर के विहंगम दृश्य देखकर बच्चे उत्साहित नजर आए। शिक्षकों ने समुद्र, बंदरगाह और तटीय जीवन के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी, जिससे बच्चों की समझ और भी गहरी हुई।
प्रधान अध्यापक भोलानाथ सूर्यवंशी तथा शिक्षक संतोष कुमार पोर्ते के कुशल मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने अनुशासन के साथ इस शैक्षणिक यात्रा का आनंद लिया। ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल स्टाफ की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष रंजीत बघेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सहयोग से यह शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सामुदायिक सहभागिता की मिसाल पेश करते हुए बच्चों को नि:शुल्क शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
जिससे शिक्षा के साथ अनुभव आधारित सीख को भी बढ़ावा मिला।


