खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
खैरागढ़, 21 जनवरी। खैरागढ़ नगर के वार्ड क्रमांक 9, इतवारी बाजार निवासी मनीष सोनी ने बुधवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर राजस्व विभाग के पटवारी छेदी लाल जांगड़े पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने ग्राम सोनेसरार स्थित भूमि खसरा नंबर 182/6 से जुड़े एक मामले में कथित अनियमितता को लेकर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है।
आवेदक मनीष सोनी के अनुसार, ग्राम सोनेसरार, पटवारी हल्का क्रमांक 30 की लगभग 1 एकड़ 20 डिसमिल भूमि से संबंधित खसरा नंबर 182/6 को अपर जिला न्यायाधीश न्यायालय द्वारा 22 दिसंबर 2015 के आदेश में निरस्त कर दिया गया था। उनका दावा है कि न्यायालय ने अपने आदेश में उक्त खसरे को गलत तरीके से राजस्व अभिलेखों में दर्ज पाया था।
मनीष सोनी ने यह भी बताया कि इससे पूर्व 24 मार्च 2015 को तहसील कार्यालय में हुए पुनरावलोकन के दौरान पुराने पटवारी रिकॉर्ड, पर्चा ऋण पुस्तिका और संबंधित प्रविष्टियों को भी निरस्त किया जा चुका था। इसके बावजूद, आरोप है कि संबंधित पटवारी द्वारा इन आदेशों को ध्यान में नहीं रखा गया।
आवेदक का आरोप है कि 18 अगस्त 2021 को निरस्त खसरा, पर्चा और नक्शे के आधार पर भूमि की रजिस्ट्री कराई गई। मनीष सोनी का कहना है कि यह मामला केवल राजस्व विवाद का नहीं, बल्कि कथित तौर पर आपराधिक कृत्य से जुड़ा है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 198, 199, 318 एवं 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज करने की मांग की है। प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि यदि खसरा नंबर 182/6 के संबंध में किसी उच्च न्यायालय का कोई आदेश मौजूद है, तो उसकी प्रमाणित प्रति सात दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। ऐसा न होने की स्थिति में उन्होंने मामले को धोखाधड़ी और रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी मानते हुए थाना खैरागढ़ में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
मनीष सोनी का कहना है कि स्पष्ट न्यायिक आदेशों के बावजूद उन्हें लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि न्यायालयीन आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हुए मामले का शीघ्र निराकरण किया जाए।
फिलहाल, इस मामले में संबंधित पटवारी या राजस्व विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है।


