जशपुर
कुनकुरी के बाद मसीही समाज का जशपुर में विराट प्रदर्शन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जशपुरनगर, 2 अप्रैल। भारत मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026’ के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय जशपुर में एक दिवसीय विशाल रैली का आयोजन किया गया। संगठन ने इस विधेयक को ‘काला कानून’ बताते हुए बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी दर्ज कराई।
रैली रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ होकर ऊपर रोड, अस्पताल मार्ग, महाराजा चौक, बस स्टैंड चौक होते हुए नीचे रोड से डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक तक पहुंची। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके पश्चात रैली पुन: रणजीता स्टेडियम पहुंचकर समाप्त हुई।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
रैली के बाद भारत मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026’ को सहमति न देने तथा पुनर्विचार के लिए विधानसभा को वापस भेजने की मांग की गई।
ईसाई आदिवासी महासभा के जिला अध्यक्ष वाल्टर कुजूर ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों—जैसे समानता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता—का उल्लंघन करता है। उनका आरोप है कि कानून में कठोर प्रावधान होने से इसके दुरुपयोग की आशंका बढ़ जाती है।
सामाजिक सौहार्द पर असर की आशंका
ईसाई आदिवासी महासभा के मीडिया प्रभारी सिहासन मिंज ने बताया कि ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि इस प्रकार के कानून से धार्मिक अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है। इससे सामाजिक सौहार्द और राज्य की धर्मनिरपेक्ष छवि प्रभावित हो सकती है।
संवाद और निष्पक्ष जांच की मांग
संगठन ने राज्यपाल से इस विधेयक पर पुनर्विचार कर सभी पक्षों से संवाद और निष्पक्ष जांच की मांग की है। रैली में कुनकुरी, दुलदुला, बगीचा, जशपुर और पत्थलगांव सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में मसीही समाज के लोग शामिल हुए।


